चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की ओर से शहर में लगाए गए वीकेंड लॉकडाउन का शहर में चौतरफा विरोध हो रहा है। पिछले कई दिनों से विभिन्न व्यापारिक संगठनों और मार्केट एसोसिएशन वीकेंड लॉकडाउन और ऑड-ईवन एक साथ लगाए जाने को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन शुक्रवार को होने वाली समीक्षा बैठक में कुछ राहत का एलान कर सकता है। एडवाइजर मनोज परिदा ने इसके संकेत दिए हैं।
शहर में वीकेंड लॉकडाउन के ऐलान के बाद से व्यापारी संगठन पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर व एडवाइजर को कई बार पत्र लिख चुके हैं और इसे हटाने की मांग कर चुके हैं। व्यापारियों का तर्क है कि शहर की विभिन्न बूथ मार्केटों में पहले से ही ऑड-ईवन लगाया गया है। इसकी वजह से दुकानें हफ्ते में तीन दिन ही खोली जा रही हैं। इस बीच प्रशासन ने वीकेंड लॉकडाउन का एलान कर दिया, इसके बाद से अब हफ्ते में दुकानें दो दिन ही खोली जा रही हैं। ऐसे में छोटे दुकानदार काफी ज्यादा प्रभावित हैं।
कोरोना काल में ग्राहक पहले ही कम हैं, ऐसे में दुकानें बंद रहने से उनके पास किराया भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन इस समस्या को देखते हुए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। जानकारी के अनुसार प्रशासन वीकेंड पर सैलून व अन्य कुछ दुकान खोलने का एलान कर सकता है। इस संबंध में एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि लोगों की समस्याओं को देखते हुए कुछ राहत देने पर विचार चल रहा है। हालांकि, शुक्रवार को इस पर फैसला प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ही लेंगे।
अधिकारियों ने दिया तर्क, आखिर क्यों लगा वीकेंड लॉकडाउन
यूटी प्रशासन ने 21 अगस्त को शहर में वीकेंड लॉकडाउन का एलान किया था। इसी दिन हरियाणा सरकार ने भी प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन लगाया था। वीकेंड लॉकडाउन लगाने के पीछे प्रशासन के अधिकारियों का तर्क है कि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा से घिरा हुआ है। ऐसे में पंजाब और हरियाणा दोनों जगह वीकेंड लॉकडाउन लगाया गया है। शनिवार और रविवार के दिन दोनों प्रदेशों में सभी दुकानें बंद रहती हैं। ऐसे में अगर चंडीगढ़ में दुकानें खोली जाती हैं तो मोहाली और पंचकूला के लोग चंडीगढ़ की तरफ रुख करेंगे, जिससे कि शहर में भीड़ काफी ज्यादा बढ़ेगी और कोरोना के संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। इसको रोकने के लिए ही चंडीगढ़ में भी वीकेंड लॉकडाउन का एलान किया गया। गौरतलब है कि वीकेंड पर सुखना लेक पर आने वाले लोगों की संख्या में भारी इजाफा हो गया, इसे देखते हुए प्रशासन ने शनिवार और रविवार को सुखना लेक बंद किया है।