सुखना लेक में इस बार बंपर मेहमान पक्षी आए हैं। रविवार को चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब के सदस्यों ने गिनती के दौरान पाया कि सिर्फ लेक के पानी में 42 प्रजातियों की 4127 मेहमान पक्षी हैं। पानी के अलावा पेड़ों पर भी मेहमान पक्षी रह रहे हैं। इसमें 47 प्रजातियों के पक्षी हैं।
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सुखना लेक पर करीब छह साल बाद पक्षियों की गणना की गई है। इससे पहले जब गणना हुई थी तो उस दौरान करीब 800 पक्षी आए थे। विशेषज्ञों ने बताया कि इस दफा बहुत सालों के बाद इतनी संख्या में पक्षी आए हैं, जिसका पर्यटक व शहरवासी खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
पहले कम आते थे, इस बार ज्यादा आए
चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब के प्रेसिडेंट प्रोफेसर एमएस सेखों ने बताया कि इस बार कुछ ऐसे पक्षी हैं, जो पहले बहुत कम आते थे। लेकिन इस बार अच्छी संख्या में आए हैं। इनमें से खासतौर पर फेरुजीनियस डक व रेड-क्रिस्टेड पोचर्ड शामिल हैं। दोनों ही प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। लेक में फेरुजीनियस की संख्या 30 है, जबकि रेड-क्रिएस्टेड पोचर्ड की संख्या 60 है। रेड पोचर्ड देखने में बहुत ही खूबसूरत है। इसे लाल सर व लाल चोंचा भी कहा जाता है।
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इन प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं
चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब ने सुखना लेक पर पक्षियों की गिनती की
- फोटो : अमर उजाला
इन प्रजातियों के पक्षी मौजूद हैं
बर्ड संख्या
ग्रेलेग गूज 39
रूडी शेलडक 138
रेड क्रेएस्टेड पोचर्ड 60
कामन पोचर्ड 160
फेरुजीनियस पोचर्ड 30
टफ्टेड डक 60
नार्दन शोविलर 90
गेडवाल 14
यूरेजियन वाइज्योन 71
इंडियन स्पाट बिल्ड डक 40
मैलार्ड 9
नादर्न पिन्टेल 260
कॉमन टेल 290
चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब ने सुखना लेक पर पक्षियों की गिनती की
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे की गई गणना
पक्षियों की गणना करने के लिए चंडीगढ़ बर्ड्स क्लब के सदस्य तीन टीमों में बंटे। एक टीम स्मृति वन से लेकर लेक के पीछे बने जंगल तक गए। दूसरी टीम लेक के सामने से रेग्युलेटरी एंड तक गए, जबकि तीसरी टीम रेग्युलेटरी एंड से बर्ड वाचिंग तक गई। बर्ड वांचिंग का काम सुबह साढ़े सात बजे से लेकर दस बजे तक चला।
इस दौरान बर्ड वॉचरों ने कैमरा, दूरबीन और स्पाटिंग स्कोप का इस्तेमाल किया। टीम में अमनदीप सिंह चाना, अपराजिता लुबाना, अल्पना एनपी सिंह, गीता गोस्वामी, महेश गर्ग, एमएस सेखों, नरबीर काहलों, नितिन सिंह, सरबजीत कौर, सरबजीत लहल, सामर्थ सिंह, सिदार्थ नागर व श्याम नागर शामिल थे।