पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए भठिड़ा निवासी उदम सिंह कालड़ा की रिटायरमेंट के 16 वर्ष बाद अपना फैसला सुनाते हुए बैंक आफ इंडिया प्रबंधन को उन्हें प्रमोट करने के आदेश दिए।
22 साल पहले याचिका दाखिल करते हुए उदम सिंह कालड़ा की ओर से बैंक प्रबंधन के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें अन्य लोगों प्रमोशन दिया गया परंतु उनके योग्य होने पर भी उन्हें प्रमोशन नहीं दिया गया।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौर के बाद याचिका को एडमिट कर लिया था। 22 साल बाद इस याचिका पर फिर से सुनवाई हुई और इससे पहले ही दिसम्बर 2000 में सेवानिवृत्ति ले ली थी।
पिछले सप्ताह इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बैंक आफ इंडिया से याचिकाकर्ता को प्रमोशन न देने व इससे जुड़ा पूरा रिकार्ड कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। इसके जवाब में बैंक ने हाईकोर्ट में रिकार्ड पेश करने में असमर्थता जताई।