इस मामले में पुलिस के खिलाफ शिकायत दी गई लेकिन पुलिस ने पीड़ित वकील का मेडिकल करवाया और एक भी चोट इसमें दर्ज नहीं की गई। सेशन जज के दखल के बाद दोबारा मेडिकल हुआ तो 18 चोट दर्ज हुईं। इस मामले में सीजेएम ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था लेकिन इसका पालन नहीं हुआ।
मुक्तसर साहिब की बार एसोसिएशन के विरोध के बावजूद कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बाद बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने इस मामले में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है जिसके चलते मंगलवार को हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ की अदालतों में वकीलों ने काम नहीं किया। बार काउंसिल ने यह हड़ताल आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इसका समर्थन किया है।
पुलिस ने वकील की आत्मा को मार दिया: लेखराज शर्मा
बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन लेखराज शर्मा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने वकील से इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार किया जिसने उसकी आत्मा को मार दिया। इस तरह का व्यवहार मैंने अपने जीवन में किसी पुलिस अधिकारी द्वारा किसी वकील के साथ नहीं सुना। जब वकीलों को इंसाफ नहीं मिल पा रहा तो कैसे दूसरों के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे।
अंग्रेजों के समय भी नहीं होता था ऐसा व्यवहार, आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने की चेतावनी
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा ने मुक्तसर साहिब में वकील से हुई बर्बरता पर पंजाब सरकार की कार्रवाई को खानापूर्ति करार देते हुए सीबीआई को तुरंत जांच सौंपने की मांग की है। बार काउंसिल ने कहा कि ऐसा व्यवहार तो कभी अंग्रेजों के समय में किसी आम आदमी के साथ भी नहीं हुआ होगा जैसा आज कानून के रक्षक वकीलों के साथ हो रहा है। बार काउंसिल ने कहा कि यदि जल्द ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई नहीं की गई तो इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाया जाएगा।