राजनीति में ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर रहे मोदी के इस मंत्री ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था के बहाने सीएम को भी सत्ता केंद्रित नहीं करने की सलाह दे डाली। उचाना के मंच पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि सीएम को इतना ताकतवर क्यों बनाते हो कि चपरासी की बदली भी सीएम ही करे।
इसके लिए उन्होंने कई जुमले भी सुनाए। सीएम की ओर इशारा करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि गरीब लोगों के काम नहीं करना भ्रष्टाचार से भी बड़ा जुर्म है। क्यों गरीब को सीएम विंडो पर जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अफसरों को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए व्यवस्था बदलने की जरूरत है।
सरकार को ऐसा कुछ करना होगा कि लगे ये लोग नई सोच के साथ आए हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के कुछ उम्मीदवार बहुत ही कम वोटों से हारे हैं। ऐसे में पार्टी को इन स्थानों पर राजनीतिक हल ढूंढना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार में ‘स्वाद सा नहीं आरया’ इस पर उन्होंने कहा कि असल में ये अफसर स्वाद नहीं आने देते। कामों को लटकाने की अफसरों की आदत बन गई है। इसके चलते गरीब लोगों के काम नहीं हो पाते।
बीरेंद्र सिंह ने सीएम के अनुभव पर उठाए सवाल: कार्यक्रम में सीएम के अनुभव पर सफाई देते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी नए मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन आते ही तीन महीने में सब कुछ कब्जे में कर लिया और सत्ता अपने हिसाब से चलाने लगे थे। हालांकि उन्होंने हुड्डा पर निशाना भी साधा।
पूर्व मुख्यमंत्री की मिमिक्री करते हुए कहा कि वे कहते थे, मैं आधा रोहतक का हूं, आधा जींद का। यदि ऐसा है तो आधा विकास जींद में क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं सोचते वे रोहतक में भी उतना ही विकास करेंगे, जितना जींद में और बाकी हरियाणा में। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवाद का ही परिणाम है कि रोहतक के बाहर कांग्रेस की सीट नहीं आई।