महंगाई को तो आप काबू में नहीं कर सकते, लेकिन कुछ जरूरी कदम उठाकर आप महंगाई की मार से जरूर बच सकते हैं। इसके लिए ज्यादा बड़े कदम नहीं उठाने की जरूरत नहीं, बस अपनी लाइफ स्टाइल में आपको थोड़ा सा बदलाव करना होगा। एक्सपर्ट कहते हैं कि यह समय थोड़ा गंभीर है। ऐसे में लोगों को संभलकर खर्च करना होगा। जिस चीज की ज्यादा जरूरत हो, उसी पर पैसा खर्च करना आज समझदारी भरा फैसला है। आइए जानते हैं कि वह कौन से तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप महंगाई को मात दे सकते हैं।
अपने खर्च का हिसाब रखें
खर्च कम करने का पहला नियम यही है कि आपको पता होना चाहिए कि आप कितना खर्च करते हैं? ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती, क्योंकि वे हिसाब नहीं रखते इसलिए सबसे पहले अपने खर्च का रोजाना हिसाब रखिए। डायरी में लिखें कि पूरे दिन में कहां-कहां कितना पैसा खर्च किया। यदि एक रुपया भी खर्च किया है तो उसे भी जरूर लिखें। दो से तीन महीने ऐसा करेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि आप कितनी फिजूलखर्ची करते हैं? साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि किस खर्च को थोड़ा कम किया जा सकता है। यह तरीका भी महंगाई में आपके लिए मददगार साबित होगा।
बड़े खर्चे पर लगाम लगाएं
जब दो से तीन महीने का हिसाब देखेंगे तो आपको बड़े-बड़े खर्च का भी पता चल जाएगा। इनमें कुछ ऐसे खर्चे भी होंगे, जिनमें आप कटौती नहीं कर सकेंगे। मसलन मकान का किराया या स्कूल की फीस, लेकिन कुछ ऐसे भी होंगे, जिनमें कट लगा सकते हैं। जैसे कि बच्चों के स्कूल आने-जाने के लिए लगाई गई बस या किसी अन्य वाहन का खर्च। यदि आप खुद बच्चे को स्कूल लेकर जा सकते हैं तो सबसे बेहतर है। यदि समय नहीं है तो स्कूल में पढ़ने वाले कुछ अभिभावकों के साथ मिलकर पूलिंग कर सकते हैं। बच्चों को बारी-बारी से ले जाने व वापस लाने की जिम्मेदारी बांट लें। मान लेते हैं कि एक बच्चे का औसतन 1500-1800 रुपये खर्च आता है तो अभिभावकों का पूल बनाने से कम से कम 40 फीसदी का खर्च कम हो सकता है।
स्मार्ट तरीके से करें रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी
इसमें खास ध्यान रखने की जरूरत है। कई बार हम एक ही दुकान से सामान खरीदते रहते हैं और इतनी भी जहमत नहीं उठाते कि उसके मूल्य की जांच करें। देखें कि कहीं, वह सामान ई राशन या सुपरमार्केट में सस्ता तो नहीं पड़ रहा। समय-समय पर ई राशन साइट या सुपरमार्केट में कैशबैक समेत मिलने वाले अन्य ऑफर का भी लाभ ले सकते हैं। यही नहीं थोक बाजार से भी सामान खरीदा जा सकता है, जो काफी सस्ता पड़ता है। यदि आसपास रहने वाले चार लोग मिलकर एक साथ सामान खरीदते हैं तो वह और भी सस्ता पड़ सकता है।
जरूरत से ज्यादा सामान न खरीदें
अक्सर हम बहुत सी ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जो फ्रिज या किचन में रखी रह जाती है और फिर एक दिन पता चलता है कि वह एक्सपायर हो गई। इसमें लोगों का बहुत पैसा बर्बाद होता है। यह चीजें सुपरमार्केट से खरीदी जाती हैं, जो काफी महंगी होती है। इसलिए वही सामान खरीदें, जिसका आप समय से उपयोग कर लें ।
दवाई का खर्च ऐसे कम करें
अक्सर घर पर किसी न किसी सदस्य की दवा चल रही होती है। किसी की बीपी की दवा होती है तो किसी की शुगर की। डाक्टर दवा लिख देते हैं और मरीज खाता रहता है। इसमें काफी पैसा खर्च होता है। अब आपको करना यह है कि जब कोई डाक्टर दवा लिखे तो उसे गूगल में डालें। इसके डालते ही कई सारी वेबसाइट खुल जाएंगी। इनमें से किसी पर एक लिंक पर क्लिक करें। इससे उस दवा के बारे में सारी डिटेल मिल जाएगी।
इसी के साथ उस दवा को बनाने वाली दूसरी कंपनियों की डिटेल और उसके मूल्य की भी जानकारी मिल जाएगी। हो सकता है जो दवा 50 रुपये में खरीद रहे हों, वही दवा दूसरी कंपनी की 25 या 100 रुपये में मिल जाए। आप सस्ती दवा खरीद सकते हैं। इसमें कोई खास फर्क नहीं पड़ता। बस सॉल्ट एक ही होना चाहिए। कुछ डाक्टर सॉल्ट लिखते हैं तो कुछ कंपनी का नाम।
छोटी बातें लेकिन बड़े कमाल की
- समय पर कार की सर्विस व टायर में हवा का प्रेशर ठीक रखने से माइलेज ठीक रहता है। सही स्पीड पर गाड़ी चलाने से भी माइलेज 10 से 15 फीसदी बढ़ा सकते हैं।
- जब भी खरीदारी करने जाएं तो क्रेडिट कार्ड घर पर रखकर जाएं। ऐसा माना जाता है कि जब क्रेडिट कार्ड जेब में हो तो लोग ज्यादा खर्च करते हैं।
- ब्रांडेड के बजाय लोकल मार्केट से भी कपड़े खरीद सकते हैं। इससे लाइफ स्टाइल पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।
- सर्दी हो या गर्मी। बिजली का बिल अखरता जरूर है। इसे कम करने के लिए बिजली बचत वाले उपकरण लगाएं और किसी भी उपकरण का बेवजह स्विच ऑन न रखें।
यह कठिन समय है और इस दौरान अपने आप से थोड़ी जबरदस्ती करने की जरूरत है। अंग्रेजी में एक कहावत है, उसका हिंदी रूपांतरण है कि पाई-पाई बचाना ही पैसा कमाना है और अगर इसमें फोर्स सेविंग जोड़ दी जाए तो क्या बात है। खुद को और अपने बच्चों को बचत के बारे में बताएं। इससे कुछ न कुछ पैसा बचेगा, जो आपके काम आएगा। -कपिल सभ्रवाल, सीए व पूर्व अध्यक्ष चंडीगढ़ ब्रांच आफ आईसीएआई ऑफ इंडिया