फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूटी प्रशासक बदनौर ने निवासियों को फिर चेताया, बोले- नहीं माने तो लगाना पड़ेगा वीकेंड लॉकडाउन

Sat, 11 Jul 2020 01:34 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
VP Singh Badnore
विज्ञापन
चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहरवासियों को एक बार फिर चेताया है। उन्होंने कहा है कि शहर में कई लोग कोरोना के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे ही चलता रहा तो वीकेंड में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। इसके अलावा शहर में कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों की पहचान के लिए एक बार फिर घर-घर जाकर जांच की जाएगी। सर्वे की शुरुआत सेक्टर-41 से होगी। जहां पर स्वास्थ्य विभाग की 14 टीमें घर-घर जाकर कोरोना वायरस के लक्षणों की पहचान करेंगी।
विज्ञापन


प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शुक्रवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉक्टर जी. दीवान ने कहा कि शहर में कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में वह एक बार फिर से घर घर जाकर ऐसे मरीजों की पहचान करेंगे। इसके लिए 14 टीमें तैयार की गईं हैं। इस सर्वे की शुरुआत सेक्टर-41 से की जाएगी, जहां पर 5000 घरों में रहने वाले लोगों की जांच डॉक्टर और पैरामेडिकल टीमें करेंगी। बैठक में मोहाली और पंचकूला के डीसी भी उपस्थित रहे।

मोहाली के डीसी ने बताया कि उनके यहां अभी कोरोना के 76 वायरस एक्टिव केस हैं। वहीं, पंचकूला के डीसी ने बताया कि उनके यहां 22 एक्टिव केस हैं। प्रशासक ने मोहाली व पंचकूला के डीसी को उनके बॉर्डर पर सख्ती बरतने के आदेश दिए ताकि संक्रमित मरीजों की पहचान पहले ही की जा सके और उनका इलाज किया जा सके।
विज्ञापन


बैठक में प्रशासक बदनौर ने कहा कि कई शहरवासी अभी भी कोरोनावायरस के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। वह प्रशासन की तरफ से जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सही से पालन भी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को अभी भी घर में ही रहना चाहिए और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलना चाहिए। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर जाने से पहले मास्क जरूर लगाना चाहिए। प्रशासक ने शहरवासियों से कहा कि वह अगर ऐसे ही नियमों तो तोड़ते रहेंगे तो वीकेंड में कर्फ्यू लगा दिया जाएगा।

पीजीआई में मिलेगा सबको इलाज, किसी को लौटाया नहीं जाएगा
प्रशासक बदनौर ने पीजीआई के डायरेक्टर को आदेश दिए कि वह पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज के साथ एक बैठक करें और अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए एक पॉलिसी बनाएं। प्रशासक ने यह स्पष्ट किया कि पीजीआई केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाने वाली संस्था है व चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है। ऐसे में किसी भी राज्य से आने वाले मरीज का इलाज पीजीआई में किया जाएगा, किसी को भी वापस नहीं भेजा जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें