यूटी प्रशासन 14 अप्रैल के बाद कर्फ्यू 2.0 की तैयारी कर रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रशासन कर्फ्यू के अगले चरण में भी पूरी तरह से सख्ती बरतेगा। शहर के पब्लिक डीलिंग ऑफिस आदि नहीं खोले जाएंगे जबकि कुछ राज्यों ने लॉकडाउन को बढ़ाने के साथ कुछ छूट देने की बात भी कही है।
यूटी सचिवालय के वॉर रूम में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई समीक्षा बैठक में एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि प्रशासन कार्यालयों के कामकाज के संबंध में केंद्र सरकार से विस्तृत आदेशों की प्रतीक्षा कर रहा है। चंडीगढ़ आने वाले दिनों में भी कम से कम कर्मचारियों के साथ महत्वपूर्ण कार्यालयों के संचालन के लिए केंद्र सरकार के पैटर्न का पालन करेगा। पब्लिक डीलिंग ऑफिसों को बंद रखा जाएगा।
बैठक में प्रशासक ने चंडीगढ़ पुलिस को निर्देश दिए कि वह चंडीगढ़ के बॉर्डर पर खास तौर से ध्यान रखें। प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग की जाए और बिना पास के आने वाले लोगों को रोका जाए। सार्वजनिक स्थलों पर मास्क नहीं पहने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाई भी जारी रखने के आदेश दिए गए। बैठक में नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि सेक्टर-26 की मंडी में सिर्फ उन्हीं लोगों को एंट्री दी जा रही है, जिनके पास मंडी की तरफ से जारी पास उपलब्ध हैं।
10 दिन में पूरे शहरवासियों के हेल्थ स्क्रीनिंग का लक्ष्य: परिदा
एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि शहर में डोर-टू-डोर हेल्थ स्क्रीनिंग जारी है। उम्मीद है कि अगले 10 दिन में पूरे शहरवासियों की स्क्रीनिंग का काम पूरा हो जाएगा। डायरेक्टर हेल्थ सर्विस ने बताया कि रविवार को 64,061 लोगों की 67 मेडिकल टीमों ने जांच की है। इन टीमों ने सेक्टर-16 के अस्पताल के इलाके में आने वाले मिल्क कॉलोनी, धनास, ईडब्ल्यूएस कॉलोनी धनास, सेक्टर-20, 30 आदि में जाकर लोगों से सवाल पूछे हैं और उनकी स्क्रीनिंग की है। आने वाले दिनों में भी यह जारी रहेगी।
घबराएं नहीं, हर चीज का स्टॉक पूरा: बदनौर
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि शहर में सब्जियों, दवाइयों और अनिवार्य चीजों की कोई कमी नहीं है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है न ही उन्हें ज्यादा सामान एकत्रित करने की जरूरत है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में भी सप्लाई चेन बहाल रहनी चाहिए। प्रशासक ने लोगों से आग्रह किया कि आने वाले दिनों में भारत सरकार के निर्देशों की पालना करें और सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करें, तभी कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से बचा जा सकता है।