हरविंदर सिंह, अवतार सिंह, तारा सिंह, धर्म राणा, सुखदेव सिंह समेत कई अन्य...यह उन किसानों के नाम है, जिनकी करीब 50 किले की फसल पटियाला की राव में रेत-मिट्टी जमा होने से बर्बाद हो गई है। किसानों के अनुसार इसके जिम्मेदार प्रशासन के अधिकारी हैं, क्योंकि उन्होंने समय पर पटियाला के राव की सफाई नहीं कराई। जब बारिश हुई तो पानी ओवरफ्लो होकर उनके खेतों में पहुंच गया और अब खेत में दो से तीन फीट तक मिट्टी जमी है। लाखों रुपये पानी में बह गए।
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चंडीगढ़ में बारिश भले थम गई है लेकिन उसके कहर से डड्डूमाजरा गांव के किसान बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। धनास मार्बल मार्केट के पीछे डड्डूमाजरा गांव के किसानों की सैकड़ों किले जमीन है, जिसमें जून महीने के आखिर में धान की फसल बोई गई थी। जुलाई और उसके बाद हुई बारिश में पानी पटियाला की राव से बाहर निकलकर आसपास के खेत और पंजाब के तोगां गांव तक चला गया। कई किले में बोई धान की फसल खराब हो गई है।
अब आलम यह है कि खेत में तीन-तीन फीट रेत और मिट्टी है। फसल का नामोनिशान नहीं है। स्थिति इस कदर बदतर है कि किसान अपनी खेतों में भी नहीं जा पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह सब प्रशासन की लापरवाही से हुआ है, क्योंकि उन्होंने बारिश से पहले पटियाला की राव की सफाई नहीं की। जुलाई माह में काफी बारिश हुई थी। इस दौरान पटियाला की राव में पहाड़ों से काफी पानी आया था। पानी के साथ बड़ी मात्रा में रेत और मिट्टी भी आई थी जो पूरी पटियाला की राव में जमा हो गई है। प्रशासन ने इस मिट्टी व रेत को नहीं हटाया, जब दोबारा बारिश हुई तो पानी पटियाला की राव से बाहर निकलकर खेत, मार्बल मार्केट, तोगां गांव समेत कई इलाकों में घुस गया। सबसे ज्यादा नुकसान मार्बल मार्केट के पीछे मौजूद फसलों को हुआ है।
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10 से 12 लाख रुपये का हुआ नुकसान
किसान हरविंदर सिंह ने बताया कि उनकी मार्बल मार्केट के पीछे सात-आठ किले की जमीन है। इसमें उन्होंने जून के महीने में धान की फसल बोई थी। खाद, लेबर आदि पर काफी खर्च किया। कई दिनों की मेहनत लगी, लेकिन पटियाला की राव में मिट्टी जमी होने की वजह से जब बारिश हुई तो सारा पानी रेत-मिट्टी सहित उनके खेतों में पहुंच गया। उन्होंने कहा कि करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से पहले डीसी समेत कई अधिकारियों से भी मिले। उन्हें बताया कि पटियाला की राव की सफाई नहीं होने की वजह से आसपास के सभी खेतों की फसलें खराब हो सकती हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए गए। कहा गया कि पटवारी व तहसीलदार जाकर देखेंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अधिकारियों की लापरवाही से लोगों की पूंजी बर्बाद हो गई।
एक तरफ डंपिंग ग्राउंड और दूसरी तरफ पटियाला की राव
किसान अवतार सिंह ने बताया कि उनकी फसल का भी काफी नुकसान हुआ है। पटियाला की राव में रेत और मिट्टी इतनी ज्यादा भरी है कि बारिश के बाद पानी हमेशा डड्डूमाजरा गांव से तोगां गांव की तरफ जाने वाले पुल के ऊपर से ही बहता है, क्योंकि नीचे सिर्फ और सिर्फ मिट्टी और रेत है। यही हालत धनास के पुल की भी हो गई है। वहां भी अब काफी मिट्टी जमा हो गई है। उन्होंने कहा कि डड्डूमाजरा के लोग एक तरफ डंपिंग ग्राउंड और दूसरी तरफ पटियाला की राव से प्रभावित हैं।
गांव में भी घुस सकता है पानी
किसान तारा सिंह ने कहा कि पटियाला की राव से मिट्टी और रेत को तुरंत नहीं निकाल गया तो डड्डूमाजरा गांव में भी पानी भर सकता है। बारिश के बाद पानी पटियाला की राव से ओवरफ्लो होकर गांव में घुस सकता है। उन्होंने कहा कि गांव पहले से ही काफी नीचे मौजूद है। ऐसे में कई लोगों घरों का नुकसान हो सकता है। उनकी समस्याओं पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी भी फसल का काफी नुकसान हुआ है।