चंडीगढ़। भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर निकाली जानेवाली शोभायात्रा को समय पर अनुमति न देने पर कई संगठनों ने प्रशासन की निंदा की है। पूर्व महापौर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला ने कहा कि प्रशासन को आगे आकर धार्मिक संगठनों को सहयोग करना चाहिए ताकि परेशानी न हो। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव सिंह और को आर्डिनेटर बृजपाल, पार्षद सतीश कैंथ और शीला देवी ने कहा कि प्रशासन के अधिकारियों को सोचना चाहिए कि धार्मिक कार्यों में सहयोग करना चाहिए न कि उसमें बाधा खड़ी करनी चाहिए।
शिरोमणि भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा आयोजक मंदिर कमेटियां चंडीगढ के संयोजक ओम प्रकाश सैनी, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान कृष्ण कुमार चड्ढा ने कहा कि बहुत पहले से धार्मिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम तय हो जाते हैं। संविधान बचाओ संघर्ष एसोसिएशन के प्रधान प्रेमपाल चोहान ने कहा कि अधिकारी ठीक से व्यवहार करें। यदि भविष्य में धार्मिक संगठनों के कार्यक्रम में कोई भी परेशानी पैदा की गई तो फिर संगठन की ओर से अधिकारियों के माता-पिता और बच्चों को पत्र लिखकर शिकायत की जाएगी ताकि उनके परिवार को भी पता चले कि उनके बेटे या पिता किस प्रकार समाज के काम में बाधा बन रहे हैं।
अधिकारियों पर लोगों को नहीं रहेगा भरोसा
कांग्रेस एससी मोर्चा के चेयमैन धर्मवीर ने कहा कि शोभायात्रा की अनुमति नहीं देने के कारण समाज को बहुत दुख हुआ है। क्योंकि सभी तैयारियां होने के बाद अनुमति नहीं देना दुखद है। समाज के लोग अधिकारियों पर भरोसा करते हैं। उन्हें अपना भरोसा कायम रखना चाहिए।