चंडीगढ़। शहर को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत चंडीगढ़ प्रशासन ने आदत डालने वाली दवाओं और अन्य नशीली दवाओं की अवैध बिक्री व दुरुपयोग पर कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। गृह एवं स्वास्थ्य सचिव मंदीप सिंह बराड़ ने सोमवार को केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और केमिस्टों के साथ बैठक कर अवैध बिक्री, गैरकानूनी इस्तेमाल और आपूर्ति के नेटवर्क पर रोक लगाने को लेकर चर्चा की।
प्रशासन ने केमिस्टों को स्पष्ट किया कि आदत डालने वाली दवाओं की बिक्री में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन और बिक्री रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना जरूरी है। बराड़ ने कहा कि ऐसी दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में पहुंचने से रोकने में केमिस्टों की भूमिका अहम है। उन्होंने संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
बराड़ ने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर दवाओं की बिक्री या आपूर्ति करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि केमिस्ट दुकानों की नियमित जांच के साथ औचक निरीक्षण भी होंगे। उल्लंघन मिलने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बराड़ ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई प्रशासन या पुलिस की अकेली जिम्मेदारी नहीं है। इसमें स्वास्थ्य विभाग, प्रवर्तन एजेंसियों, केमिस्टों और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। केमिस्ट एसोसिएशन ने अभियान में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।