इस बार हेमकुंट साहिब के साथ चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थों की सुरक्षा के लिए जवानों की टोली भी रहेगी। उत्तराखंड सरकार ने पिछले साल आपदा को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीआईआई चंडीगढ़ में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड ने चारधाम यात्रा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है। यह सिक्योरिटी इंतजाम सीधे मुख्यमंत्री ही देख रहे हैं। चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा दो मई में शुरू होगी।
यमुनोत्री और गंगोत्री के गेट चार मई को खुलेंगे
उत्तराखंड सरकार ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। ऐसे निर्देश पर्यटकों को सुरक्षित और आनंददायक यात्रा के लिए दिए गए हैं। धार्मिक डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बनाने वाले उत्तराखंड में आने वाला हरेक पर्यटक सुरक्षित हों इसके लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। हरेक गेट पर यह काउंटर मौजूद हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री के गेट चार मई को खुलेंगे और बद्रीनाथ के गेट पांच मई को। हेमकुंट साहिब के लिए कपाट 25 मई को खुलेंगे।
प्राइवेट हेलीकाप्टर और स्पेशल कंट्रोल रूम
गुप्तकाशी से केदारनाथ तक ले जाने के लिए प्राइवेट हेलीकाप्टरों को लगाया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि सुरक्षा का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने रजिस्ट्रेशन सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। रजिस्ट्रेशन काउंटर को हरेक इंट्री प्वाइंट पर बनाए गए सेंटर में लगाया गया है।
उधर साधुओं और पर्यटकों के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। स्पेशल कंट्रोल रूम उत्तराखंड टूरिज्म हेडक्वार्टर देहरादून में बनाए गए हैं। इस सेंटर को एक नोडल आफिसर मैनेज करेगा। टूरिस्ट हेल्पलाइन नंबर 1364 है और ई मेल आईडी yatra4dham@yahoo.in है। सुबह सात बजे से लेकर शाम नौ बजे तक उपलब्ध रहेगी।
रास्तों के किनारे 48 स्थानों पर ये सुविधाएं
पांच बेस कैंप, रास्तों के किनारे 48 स्थान पर सुविधाएं, वेसाइड सुविधाएं हैं। चार धाम यात्रा के लिए सात घाट, बारह नाइट शेल्टर, गढ़वाल के सभी जिला मजिस्ट्रेटों को चारधाम की यात्रा के लिए हेल्थ, सेनिटेशन, वाटर, इलेक्ट्रिसिटी को मेंटेन रखने की जिम्मेदारी, सभी रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा करने के लिए तीस अप्रैल 2014 तक के निर्देश जारी किए हैं।
इसके अलावा यहां स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई है। उत्तरकाशी के लिए गठित की गई टास्क फोर्स में पुलिस और नेहरू इंस्टीट्यूट आफ माउंटेनियरिंग के सदस्य हैं। भीमबली से केदारनाथ के रूट पर लगाया जाएगा। यह टास्क फोर्स रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशन में काम करेगी। राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा कि मोबाइल टावर और पीसीओ बूथ को रूट के हरेक पंद्रह किलोमीटर पर लगाया गया है। मोबाइल हास्पिटल बनाए गए हैं। उत्तराखंड में वायरलेस नेटवर्क को ऑपरेशनल कर दिया गया है। केदार वैली में नई पुलिस पोस्ट को भी ऑपरेशनल कर दिया गया है।