चंडीगढ़। शहर में लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। प्रशासन ने इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं। सोमवार को डीसी और एसएसपी ने फील्ड में उतरकर शहर का दौरा किया और उसके बाद पंजाब राजभवन पहुंचकर प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को स्थिति की रिपोर्ट सौंपी। वहीं , शाम को गृह सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर दवाओं और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशासन के सभी बड़े विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और शहर की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ आने वाले दिनों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में विशेष तौर पर पटियाला की राव के पानी के स्तर की निगरानी पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि पानी का स्तर बढ़ने पर निचले इलाकों को समय रहते अलर्ट किया जाए ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि जलभराव वाले इलाकों में यातायात का सुचारू प्रबंधन किया जाए और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। इसके अलावा डीसी को एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस टीमों के साथ तालमेल बैठाकर जरूरत पड़ने पर त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई।
निगम को आदेश, सड़कों को तुरंत ठीक करें
नगर निगम को सभी टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर तैयार करने के आदेश दिए गए। कहा कि जब तक पूरी मरम्मत नहीं होती, तब तक गड्ढों को तुरंत भरकर दुर्घटनाओं को रोका जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाओं और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन को आशंका है कि पड़ोसी राज्यों से भी मरीजों की संख्या बढ़ सकती है, ऐसे में अस्पतालों को पहले से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि अनावश्यक पैनिक की स्थिति बनाने से परहेज किया जाए और हर विभाग अपनी इमरजेंसी रिस्पांस टीम हर वक्त तैयार रखे।
लेक और टूटे पुलों को देखने पहुंचे डीसी
भारी बारिश के बाद हालात का जायजा लेने के लिए डीसी निशांत कुमार यादव ने सोमवार को एसएसपी और एसडीएम (ईस्ट) के साथ लेक के रेगुलेटरी एंड और प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान अफसरों ने लेक के गेटों से हो रहे पानी के डिस्चार्ज, जलभराव की स्थिति, हुए नुकसान और विभागों की तैयारियों का निरीक्षण किया। संबंधित विभागों को तुरंत नालों की सफाई, आपातकालीन टीमों की तैनाती और राहत कार्यों के लिए मशीनरी उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए।
स्टैंडबाय पर रखा रेडक्रॉस का रैन बसेरा
डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि आपात की स्थिति में अगर किसी को रेस्क्यू करने की जरूरत पड़ी तो इसके लिए भी व्यवस्था कर ली गई है। सेक्टर-17 स्थित रेड क्रॉस के रैन बसेरे को स्टैंडबाय पर रखा गया है। वहां 75 बेड की क्षमता है। उनके खाने पीने की व्यवस्था रेड क्रॉस के कैंटीन से की जाएगी। उनके पास हजारों पैकेट खाना बनाने की क्षमता है। साथ ही कंट्रोल रूम भी तैयार हैं और अन्य संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।