यह लगभग तय है कि कुलदीप के बेटे भव्य बिश्नोई भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा के प्रत्याशी का मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही होगा जबकि आम आदमी पार्टी व इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) भी मैदान में चुनौती पेश करने की पूरी कोशिश में हैं। भाजपा को छोड़कर अभी किसी अन्य दल के प्रत्याशी तय नहीं हैं।
आम आदमी पार्टी की ओर से सोनाली फोगाट की बहन को मैदान में उतारे जाने की चर्चा होती रही है। राज्य में 30 नवंबर से पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संपन्न करवाए जाने हैं। इसलिए आदमपुर का यह उपचुनाव राजनीतिक दल पंचायत चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
चुनाव कार्यक्रम
अधिसूचना: 7 अक्तूबर
नामांकन: 14 अक्तूबर से
नामांकन पत्रों की पड़ताल: 15 अक्तूबर
नामांकन वापसी: 17 अक्तूबर
2019 की स्थिति
| दल |
प्रत्याशी |
कुल मिले मत |
प्रतिशत |
| कांग्रेस |
कुलदीप बिश्नोई |
63693 |
51.7 |
| भाजपा |
सोनाली फोगाट |
34222 |
27.78 |
कांग्रेस: कांग्रेस के लिए यह चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि हुड्डा यह किला फतेह कर अपनी चौधर आलाकमान के दरबार में दिखाना चाहेंगे। अगर कांग्रेस चुनाव जीतती है तो वह इसे सत्ता वापसी की पहली सीढ़ी मानेगी। कांग्रेस सत्ता विरोधी फैक्टर को भुनाना चाहेगी।
भाजपा: भाजपा चुनाव जीतती है तो वह डंके की चोट पर यह कह सकेगी कि जनता मनोहर लाल सरकार के कामकाज से संतुष्ट है। भाजपा कुलदीप बिश्नोई के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के गढ़ में अपनी पैठ बढ़ाना चाह रही है। भव्य बिश्नोई के चेहरे के रूप में भाजपा को एक नया चेहरा भी मिल जाएगा।
इनेलो: पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला अब जेल से बाहर आ चुके हैं और वे इस चुनाव में पूरी जान इनेलो को मजबूत करने के लिए लगाएंगे ताकि यह संदेश दे सकें कि बेशक गत विधानसभा चुनाव में उनका दल एक सीट पर सिमट गया हो लेकिन अब भी दम रखता है।
आप: आम आदमी पार्टी इस चुनाव के माध्यम से हरियाणा में एंट्री करना चाह रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 2024 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के बाद हरियाणा में अपना दम दिखाना चाह रहे हैं। केजरीवाल हाल ही में यहां रैली तक कर चुके हैं।
छह अक्तूबर को पार्टी के प्रदेश कार्यालय पंचकमल में तीन बजे प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदेश भर से कार्यकर्ता जुटेंगे। यहां चुनाव की रणनीति तय की जाएगी। पार्टी ने कृषि मंत्री जेपी दलाल को प्रभारी, सांसद कृष्णलाल पंवार और सुरेंद्र आर्य को सहप्रभारी और वेदपाल को संगठनात्मक प्रभारी नियुक्त किया है। ओपी धनखड़, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष
आदमपुर शुरू से कांग्रेस का गढ़ रहा है। बरोदा उपचुनाव की तरह इस उपचुनाव में भी कांग्रेस की जीत तय है, क्योंकि बीजेपी-जेजेपी के पास आदमपुर और पूरे हरियाणा में गिनाने के लिए ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है, जिसके नाम पर वोट मांगा जा सके। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री।
पार्टी का सबसे बड़ा टारगेट आदमपुर सीट पर होने वाला उपचुनाव है। इस चुनाव में पार्टी मेहनत से अपना मुकाम हासिल करेगी। आज मैंने इस संदर्भ में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की है। डॉ. सुशील गुप्ता, सांसद आप।
आदमपुर उपचुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार के कारनामों को यहां की जमीन से उजागर किया जाएगा। अभय चौटाला, प्रधान महासचिव इनेलो।