कांपते पैर उन्हें चंद कदम चलने की इजाजत नहीं देते, लेकिन अभिनय के प्रति उनका जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। रिटायरमेंट शब्द उनकी डिक्शनरी में शामिल है। यह अदाकारा हैं 86 वर्षीय कामिनी कौशल।
प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. रुचि राम साहनी के 150 जन्मदिवस पर कामिनी कौशल पीयू में विशेष लेक्चर के लिए पहुंची। कामिनी के पिता पीयू एल्युमनी रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने फिल्मी कैरियर और निजी जिंदगी से जुड़े कुछ पहलुओं पर बात की। उन्होंने बताया कि लोग उनसे हमेशा शाहरुख और रितिक के साथ कोई फिल्म नहीं करने पर सवाल उठाते थे।
उनकी भी इन स्टार के साथ काम करने की तमन्ना थी। चेन्नई एक्सप्रेस करते हुए शाहरुख और कृष-3 के लिए रितिक ने खुद फोन किया।
कामिनी बताती हैं कि शाहरुख की फिल्म में तो रोल कर लिया लेकिन कृष-3 के लिए उनकी सेहत ने उन्हें कश्मीर में शूटिंग की इजाजत नहीं दी।
उन्होंने कहा कि उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘नीचा नगर’ को प्रतिष्ठित कान पुरस्कार मिलना उनके लिए काफी यादगार पल था।
उन्हें दुख है कि भारतीय सिनेमा के 100 साल पूरे होने पर उनकी अवार्ड विनिंग फिल्म को याद तक नहीं किया गया। टीवी और फिल्मी सफर पर कामिनी कहती हैं कि उन्होंने दोनों जिंदगी को बखूबी जिया है।
लेखन में दे रही हैं समय:
इस उम्र में भी काम के प्रति समर्पण पर कामिनी कहती हैं कि जिस इंसान को काम की लत लग जाए, वह निठल्ला कैसे बैठ सकता है।
कामिनी अभी भी अपना समय लेखन और अभिनय को दे रही हैं। उन्होंने माना कि बॉलीवुड में आज के युवा अभिनेताओं की सोच कुछ अलग है।
पीयू कैंपस में कामिनी कौशल अमेरिका में रहने वाले अपने बेटे विदूर और पोते मिहेर के साथ पहुंची।