बालीवुड अभिनेता राहुल बोस द्वारा इंटरव्यू के दौरान देश के बारे में आपत्तिजनक कमेट्स करने के मामले में सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शिल्पी की अदालत ने दोबारा से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
पिछली सुनवाई में राहुल बोस को भेजा गया नोटिस सर्व नहीं हो सका था। अदालत ने राहुल को 13 मई से पहले जवाब देने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ता मंदीप कौर की तरफ से वकील दिलीप महाजन ने याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि राहुल बोस ने एक साक्षात्कार में भारत की छवि खराब की है। इसमें बिना शर्त अदालत में माफी मांगने की मांग की गई है। याचिका के मुताबिक राहुल बोस का यह साक्षात्कार 27 फरवरी, 2014 को एक हिंदी समाचार पत्र में छपा था।
इसमें राहुल बोस ने कहा था कि उसे भारतीय होने में शर्म महसूस होती है। उसे मुंबई के एक कालेज में दाखिला लेना पड़ा पर वहां जाने में उसे शर्म महसूस होती थी। क्योंकि वह कभी भारत में शिक्षा ग्रहण नहीं करना चाहता थे और विदेश में शिक्षा लेने को प्राथमिकता देता थे।
याचिका के मुताबिक राहुल बोस के इस बयान ने राष्ट्र व देशभाक्ति की भावना को चोट पहुंचाई है। इससे पहले राहुल बोस को लीगल नोटिस भेज माफी मांगने के लिए कहा था, मगर नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया।