हरियाणा सिंचाई विभाग में अफसरों पर कार्रवाई
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(आशीष वर्मा) सिंचाई विभाग ने भ्रष्ट व लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई की है। कंक्रीट व पाइप के सैंपल फेल होने पर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने विभाग के 80 अधिकारियों को चार्जशीट किया, जबकि तीन चीफ इंजीनियरों के खिलाफ नाराजगी नोट जारी किया है। सिंचाई मंत्री चौधरी ने बताया, विभाग की विजिलेंस विंग ने निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 रैंडम सैंपल लिए थे, जिनमें से 18 सैंपल फेल हो गए थे। ये अधिकारी मुख्यालय के साथ अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
सिंचाई विभाग के मुताबिक जिन अफसरों पर कार्रवाई की गई है, उनमें 12 अधीक्षण अभियंता (एसई ) हैं, जिन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमावली धारा 8 के तहत चार्जशीट किया गया। वहीं, 17 अधिशासी अभियंता (एक्सईएन ), 22 एसडीओ व 29 जेई को धारा सात के तहत चार्जशीट किया गया। इसके अलावा तीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक आधिकारिक नोट भी जारी किया गया है। सिंचाई विभाग की विजिलेंस टीम ने पूरे हरियाणा से निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के सैंपल लिए थे। ये सैंपल कंक्रीट व उससे बने पाइपों के लिए गए थे। कुल 48 सैंपल लिए गए, जिनमें से 18 फेल मिले। जांच में यह भी पाया गया कि सॉलिड कंकरीट के नमूने सभी मानकों पर फेल हुए। इससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ है। हैरानी की बात है कि इस नुकसान का अधिकारियों की ओर से कोई विश्लेषण भी नहीं किया गया। इसे विभाग ने भ्रष्टाचार माना और सरकार की ओर से कार्रवाई की गई।