अमृतसर के सीआईए स्टाफ में तैनात सब इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह के घर के बाहर खड़ी बोलेरो गाड़ी के नीचे बम लगाने के मामले में आरोपी युवराज सिंह को लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाई है। आरोपी युवराज सभ्रवाल को सीआईए टू की टीम अमृतसर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।
आरोपी ने जाली पते पर चार सिम लिए थे। एक सिम तो आरोपी ने बम इम्प्लांट करते समय लगा दिया था जबकि बाकी के तीन सिम के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। इसके बारे में लुधियाना पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी। आरोपी इस समय लुधियाना पुलिस के पास तीन दिन के रिमांड पर चल रहा है। एक दिसंबर आरोपी को दोबारा से अदालत में पेश किया जाएगा।
एसआई दिलबाग सिंह की गाड़ी के नीचे बम लगाते समय सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी युवराज सभ्रवाल कैद हो गया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। लुधियाना पुलिस ने भी मामले में अपने तौर पर जांच की तो फगवाड़ा के पीएसपीसीएल में काम करने वाला अवि नाम के युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी युवराज सभ्रवाल का नाम सामने आया था।
बताया जा रहा है कि आरोपी युवराज के पाकिस्तान में बैठे आतंकी लंडा और रिंदा से भी गहरे संबंध हैं। आरोपी युवराज ने गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लंडा के कहने पर गाड़ी के नीचे बम लगाया था। फगवाड़ा के आरोपी अवि ने युवराज को न केवल पुलिस से बचाने में मदद की बल्कि अन्य राज्यों में छिपने में उसका साथ दिया।
सीआईए टू के इंचार्ज इंस्पेक्टर बेअंत जुनेजा ने बताया कि आरोपी युवराज ने महानगर से ही चार सिम खरीदे थे और बम लगाने के बाद वह लुधियाना में भी रुका था। तीन सिम के बारे में आरोपी से पूछताछ की जानी है और इसके अलावा उसके लुधियाना में किन लोगों से संबंध है इस बारे में भी पूछताछ की जाएगी।