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भाई ने की थी सगी बहन की हत्या, तो जज ने सुनाई फांसी की सजा, की ऐसी टिप्पणी सुनकर सब सन्न

Thu, 06 Dec 2018 09:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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दूसरी जाति के लड़के से प्रेम विवाह करने वाली बड़ी बहन की जहर देकर हत्या (ऑनर किलिंग) करने वाले 25 वर्षीय युवक को महिला विरुद्ध गंभीर अपराध स्पेशल अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश डॉ. पंकज ने कहा कि जो ऐसी साजिश रचते हैं, वह याद रखें कि फांसी का फंदा उनका इंतजार कर रहा है। कोर्ट ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध मानते हुए दोषी को आईपीसी की धारा-302 में फांसी की सजा और धारा-201 में सात साल के कठोर करावास की सजा दी है। एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी पक्ष के वकील ललित गोयत का कहना है कि फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

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दस फरवरी 2017 को जुगलान गांव निवासी अशोक (25) ने अपनी बड़ी बहन किरण को जहर देकर मार डाला था। अशोक के खिलाफ आदमपुर के गांव सीसवाल निवासी रोहताश की शिकायत पर सदर थाना में 14 फरवरी 2017 को आईपीसी की धारा 302, 506, 201 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। करीब 22 माह तक चले इस केस में अदालत ने आरोपी अशोक को 29 नवंबर 2018 को दोषी करार दिया था।

बहन से सुसाइड नोट लिखवाने के बाद जहर देकर की थी हत्या
हिसार के नजदीकी गांव जुगलान निवासी किरण बाला ने आदमपुर के गांव सीसवाल निवासी रोहताश के साथ आठ अगस्त 2015 को अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। किरण ने इसका अपने घर में किसी से जिक्र नहीं किया और पढ़ाई करने जयपुर चली गई। 2017 में जब वह लौटी तो उसके घरवाले उसके लिए रिश्ता तलाश करने लगे। इसके बाद किरण ने अपने भाई अशोक को रोहताश के साथ शादी करने की बात बताई।

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सांकेतिक तस्वीर
 अशोक ने उसे दूसरी जाति के लड़के के साथ शादी करने पर परिवार की समाज में बेइज्जती का हवाला दिया। इसके बाद भी किरण अपने फैसले से नहीं पलटी तो अशोक ने 10 फरवरी 2017 को जहर देकर उसकी हत्या कर दी। अशोक ने जहर देने से पहले उससे सुसाइड नोट भी लिखवाया था। इसके बाद परिवार वालों ने आनन-फानन में किरण का अंतिम संस्कार कर दिया। किरण के पति रोहताश की शिकायत पर घटना के चार दिन बाद 14 फरवरी को सदर थाने में केस दर्ज हुआ था। किरण के भाई अशोक को आरोपी बनाया गया था।

बचाव पक्ष के वकील की दलील
अदालत में बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट ललित गोयत ने दलील दी कि लड़की की डेथ नेचुरल है। कोई मर्डर नहीं किया गया। अंतिम संस्कार 10 फरवरी को पूरे गांव के सामने किया गया था। 14 को मामले में एफआईआर हुई थी, जिसमें गवाह मुकर गया था। जांच में पुलिस साबित नहीं कर पाई है कि किरण की हत्या की गई है और किस तरीके से कैसे की गई है।
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शिकायतकर्ता के वकील की दलील

शिकायतकर्ता के वकील जितेंद्र कुश ने दलील दी कि मौत की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले को घुमाने के लिए सुसाइड नोट लिखा गया था, जो जांच में फर्जी पाया गया। युवती ने अंतरजातीय विवाह किया था और अपनी हत्या होने का अंदेशा पहले ही जता दिया था।

झूठी शान के लिए यह रिश्तों का कत्ल है, इससे अविश्वास पैदा हुआ, देश को बचाने के लिए सख्त फैसले जरूरी : जज
दोषी ने अपनी और परिवार की झूठी शान के लिए यह हत्या की है। ऑनर किलिंग ठंडे दिमाग से सोच-समझकर की गई हत्या है और यह जाति से बाहर किए गए प्रेम विवाह में की जाती है। जात-पांत का सिस्टम देश के लिए अभिशाप है। देश को बचाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों पर सख्त फैसले जरूरी हैं।

देश में जहां भाई-बहन के प्यार व बहन की रक्षा से जुड़े कई सारे त्योहार मनाए जाते हैं, वहां पर एक भाई द्वारा सगी बहन का कत्ल करना रिश्तों का कत्ल है। झूठी शान के लिए किए गए इस कृत्य से रिश्तों में अविश्वास पैदा हुआ है। इस अविश्वास को खत्म करने के लिए सख्त से सख्त सजा देना जरूरी है। जो लोग ऐसी साजिश रचते हैं वह यह याद रखें कि फांसी का फंदा उनका इंतजार कर रहा है।- डॉ. पंकज, न्यायाधीश, महिला विरुद्ध गंभीर अपराध स्पेशल अदालत
 
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