चंडीगढ़। सेक्टर-44सी निवासी हरीश गौतम की शिकायत पर पुलिस ने सेक्टर-21ए निवासी विकास बिबरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी ने मकान बेचने के नाम पर 1.23 करोड़ रुपये लेकर न तो कब्जा दिया और न ही सौदा पूरा किया।
शिकायत के अनुसार 9 अगस्त 2023 को हरीश गौतम और विकास बिबरा के बीच सेक्टर-21ए स्थित मकान नंबर 230 की खरीद-फरोख्त को लेकर 8.60 करोड़ रुपये में समझौता हुआ था। इस दौरान आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि पहले ग्राउंड फ्लोर और बाद में पूरा मकान कब्जे में दे दिया जाएगा। इसी भरोसे पर शिकायतकर्ता ने बैंकिंग माध्यम से 1.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
आरोप है कि इसके बाद विकास बिबरा लगातार बहाने बनाता रहा, अतिरिक्त पैसे की मांग करता रहा और अपने साथियों व प्रॉपर्टी डीलरों के जरिए धमकियां भी दिलवाईं। जब शिकायतकर्ता ने जांच की तो सामने आया कि आरोपी उक्त संपत्ति का मालिक ही नहीं है, बल्कि वह एक किरायेदार (इंदरजीत बिबरा) का बेटा है, जबकि असली मालिक हरमोहिंदर सिंह विर्क है।