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Chandigarh News: जेल से अस्पताल नहीं, होटल पहुंचा 645 करोड़ घोटाले का आरोपी

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चंडीगढ़। 645 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक, नगर निगम और क्रेस्ट फंड घोटाले के मुख्य आरोपी विक्रम वाधवा को मेडिकल जांच के लिए जेल से बाहर निकालकर पुलिस सुरक्षा में होटल ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल से बाहर लाने वाले पुलिस मुलाजिमों ने जांच के बाद जेल लौटाने के बजाय उसे सरकारी वाहन से उतारकर निजी कार में सेक्टर-17 के होटल पहुंचा दिया गया। वहां वह बेटों और रिश्तेदारों के साथ खाना खा रहा था। सूचना मिलते ही डीएसपी पूनम दिलावरी की टीम ने छापा मारकर उसे दबोच लिया। इस पूरे घटनाक्रम में ड्यूटी पर तैनात एसआई, एएसआई, विक्रम वाधवा और उसके दोनों बेटों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह विक्रम वाधवा को बुड़ैल जेल से मेडिकल जांच के लिए जीएमएसएच-16 लाया गया था। नियमों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद उसे सीधे जेल लौटाया जाना था। आरोप है कि सेक्टर-26 पुलिस लाइन में तैनात एसआई जगमेहर सिंह और एएसआई सुरेंद्र सिंह उसे सरकारी वाहन से वापस ले जाने के बजाय निजी कार में सेक्टर-17 के होटल ले गए। वहां पहले से उसके बेटे करण वाधवा और कुनाल वाधवा मौजूद थे।
दोपहर करीब डेढ़ बजे डीएसपी पूनम दिलावरी को सूचना मिली कि करोड़ों के घोटाले का आरोपी अस्पताल में नहीं बल्कि होटल में बैठा है। सूचना मिलते ही उन्होंने रिजर्व इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह, सेक्टर-17 थाना पुलिस व अन्य अधिकारियों के साथ होटल में छापा मारा। पुलिस जब कमरे तक पहुंची तो दोनों पुलिसकर्मी बाहर पहरा देते मिले, जबकि विक्रम वाधवा अंदर बेटों के साथ भोजन कर रहा था। कमरे में खाने की व्यवस्था थी और परिजन भी मौजूद थे। इसके बाद आरोपी और सभी संबंधित लोगों को हिरासत में ले लिया गया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने विक्रम वाधवा, एसआई जगमेहर सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, करण वाधवा और कुनाल वाधवा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 199, 261, 262, 62 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने विक्रम वाधवा को जेल भेज दिया जबकि अन्य आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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रिश्वत, मिलीभगत या फरारी... हर एंगल पर जांच

पुलिस और जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी को नियमों के विपरीत होटल पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने रिश्वत ली। यह भी जांच हो रही है कि कहीं आरोपी को हिरासत से भगाने की योजना तो नहीं बनाई गई थी। फिलहाल रिश्वत की रकम की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन होटल के सीसीटीवी फुटेज, एंट्री रजिस्टर, मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि होटल में आरोपी किन लोगों से मिला और पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही।

...पहली बार नहीं पहुंचा था होटल

सूत्रों के मुताबिक विक्रम वाधवा पहली बार इस होटल में नहीं पहुंचा था। वह पहले भी यहां आता रहा है। इस बार गारद ड्यूटी में बदलाव होने के बाद एक कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसके बाद डीएसपी की टीम ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। अब इस मामले ने चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और जेल से बाहर लाए जाने वाले हाई-प्रोफाइल आरोपियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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