चंडीगढ़। करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के चेक बाउंस मामले में जिला अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत में दायर याचिका के अनुसार, आरोपी ने ऋण की कानूनी देनदारी के तहत चेक जारी किया था। कुल बकाया राशि 1 करोड़ 11 लाख 21 हजार 515 रुपये बताई गई। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता की ओर से पेश साक्ष्यों में बताया गया कि समझौते की शर्तों के अनुसार उक्त राशि का भुगतान करना आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों और दोनों पक्षों के साक्ष्यों का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि चेक वैध देनदारी के विरुद्ध जारी किया गया था और आरोपी ऋण चुकाने के लिए उत्तरदायी है। इसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत ने एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ निर्देश दिया कि आरोपी चेक की पूरी राशि शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में अदा करेगा। साथ ही चेक जारी होने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी भुगतान करना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2011 में लिया गया ऋण वर्ष 2020 से डिफॉल्ट हो गया था, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की ।