6 दिसंबर 1999 को मनीमाजरा थाना पुलिस ने अपहरण, शादी का झांसा देकर अपहरण करने, दुष्कर्म, कैद में रखने और धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज किया था। मामले में शिकायतकर्ता मौलीजागरां में ईंटों के भट्ठे में काम करने वाला एक व्यक्ति था।
चंडीगढ़ पीओ एवं समन सेल ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के 24 साल पुराने मामले में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के प्रीतम नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसे हरियाणा के कालका में ईंटों के भट्ठे से पकड़ा गया है। आरोपी प्रीतम को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे बुड़ैल जेल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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6 दिसंबर 1999 को मनीमाजरा थाना पुलिस ने अपहरण, शादी का झांसा देकर अपहरण करने, दुष्कर्म, कैद में रखने और धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज किया था। मामले में शिकायतकर्ता मौलीजागरां में ईंटों के भट्ठे में काम करने वाला एक व्यक्ति था। पुलिस को उसने शिकायत दी थी कि उसके सहकर्मी प्रेमपाल, मोहिंदर, हरीश चंद्र, शिशु पाल, प्रीतम और वीरवती नामक महिला ने उसकी बेटी का अपहरण किया और संबंधित अपराध को अंजाम दिया।
आरोपी प्रीतम को चंडीगढ़ जिला अदालत ने 18 अप्रैल, 2000 को भगौड़ा करार दिया था। पिछले तीन महीने से सेल की टीम उसकी तलाश में थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी हिमाचल प्रदेश चला गया था। वहां वह रेड के दौरान नहीं मिला। बाद में पता चला कि वह 10-12 साल पहले पंजाब शिफ्ट हो गया था। ऐसे में टीम ने होशियारपुर में रेड की और वहां से पता चला कि वह हरियाणा में कहीं शिफ्ट हो गया था। उसे कालका से पकड़ा गया। यहां वह 10 दिन पहले ही शिफ्ट हो गया था। इससे पहले हाल ही में इस मामले में वीरवती नामक महिला आरोपी को होशियारपुर के गढ़शंकर से काबू किया गया था। उससे पहले जुलाई में एक अन्य आरोपी हरिचंद को उत्तर प्रदेश से पकड़ कर लाया गया था। वह एक गुरुद्वारे में सिख के वेश में पाठी बन रह रहा था।