चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में एमटीएस कर्मियों की बैकडोर इंट्री चल रही है। कुछ कर्मचारियों ने यह आरोप लगाते हुए चांसलर कार्यालय को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच करवाने का आग्रह किया है। उनका आरोप है कि अपात्र लोगों को नौकरियां दी गई हैं। नौकरियां देने के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है।
कर्मचारी हेमंत सिंह, राजेश कुमार, विनोद पाठक आदि ने चांसलर को भेेजे पत्र में कहा है कि कोरोना काल में एमटीएस कर्मियों को पीयू की ओर से निकाल दिया गया। उसके बाद तय हुआ था कि जब भी जरूरत होगी, तब निकाले गए लोगों को बुलाया जाएगा। अब नए सिरे से बाहरी स्रोतों से भर्तियां की जा रही हैं। आरोप है कि भर्तियों के नाम पर खेल हो रहा है। रातोंरात लोगों को तैनाती दी जा रही है। तीन कर्मचारियों के नाम भी पत्र में उन्होंने खोले हैं जो हाल ही में नौकरी पर रखे गए हैं। उन्होंने कहा है कि लिपिक आदि रखने के लिए योग्यता आदि का ध्यान रखा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एक वीडियो भी उन्होंने चिट्ठी के साथ चांसलर कार्यालय को भेजा है। वीडियो में नौकरी के नाम पर हो रहे खेल को उजागर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा है कि जिस कंपनी के माध्यम से ये रखे जा रहे हैं उस कंपनी पर कई सवाल पहले भी खड़े हुए हैं और उसका कार्य भी संतोषजनक नहीं है, बावजूद इसके उसी कंपनी से काम लिया जा रहा है। इस संबंध में रजिस्ट्रार से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।