चंडीगढ़। पीयू में फीस माफी को लेकर हड़ताल कर रहे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध बुधवार को टूट पड़ा। उन्होंने पीयू के गेट नंबर- 2 पर दोनों साइड में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस वजह से दोनों साइड से वाहनों की आवाजाही रुक गई। कुछ देर जाम भी लग गया। उसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जबरन उठाया और गाड़ी में बैठकर सेक्टर- 11 थाने ले गए। इस दौरान पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। बाद में डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने पुलिस को फोन कर छात्रों को पीयू छोड़ने को कहा। कुछ देर में छात्र आ गए।
उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि हर जरूरतमंद छात्र को फीस में छूट दी जाएगी। इसके लिए कमेटी बनाएंगे और उसमें छात्रों को भी रखेंगे। उसके बाद छात्र मान गए और इस प्रकरण को हाईकोर्ट में ले जाने की बात भी छात्रों ने कही।
एबीवीपी के कार्यकर्ता शाम को वीसी कार्यालय के बाहर से नारेबाजी करते हुए पीयू के गेट नंबर- 2 पर पहुंच गए। दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गेट के दोनों साइड धरना शुरू कर दिया। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई। पीयू प्रशासन ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को जबरन उठाना शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रों ने छुड़ाने की कोशिश की। पुलिस 10 से अधिक कार्यकर्ताओं को अपने साथ ले गई। उसके बाद कुछ बचे छात्रों ने पीयू का गेट बंद करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों को सफलता नहीं मिल पाई। छात्रों को पुलिस द्वारा ले जाने की बात डीएसडब्ल्यू को पता लगी तो उन्होंने छात्रों को वापस कैंपस बुलाकर समझाया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक कमेटी बनाकर इस पर फाइनल निर्णय ले लेंगे। छात्रों को फीस किश्तों में जमा करने का मौका मिलेगा। गरीब छात्रों को फीस में छूट दी जाएगी। इसके बाद छात्रों ने कहा कि इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें। उसी के साथ एबीवीपी ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और कानूनी रूप से लड़ने का ऐलान किया। इस मौके पर अध्यक्ष हरीश गुर्जर, जतिन सिंह आदि मौजूद रहे।
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एनएसयूआई की भूख हड़ताल श्रंखला जारी
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फीस माफी के मुद्दे को लेकर एनएसयूआई की भूख हड़ताल श्रंखला 18वें दिन भी जारी रही। अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि पीयू प्रशासन को छात्रों की मांगों को मानना होगा। फीस में छूट देनी ही होगी ताकि छात्रों को राहत मिल सके।