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मजीठिया के खिलाफ प्रदर्शन, खुफिया एजेंसियां फेल

Sat, 27 Dec 2014 05:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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ईडी की राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और कांग्रेसियों के प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियां फेल हो गई। खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी कि एबीवीपी के कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से पैदल ही ईडी कार्यालय तक पहुंचकर हंगामा करेंगे।
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वहीं कांग्रेसियों के प्रदर्शन को लेकर भी खुफिया एजेंसियों को खबर नहीं लगी। उधर हिरासत में लिए प्रदर्शनकारियों को किसी थाने नहीं ले जाया गया। पुलिस मुलाजिम सभी गाड़ियों में घुमाते रहे और मजीठिया के ईडी दफ्तर से जाने के बाद सभी को रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शन करने वालों में अधिकतर भाजपा नेताओं के बेटे

ईडी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने वालों में अधिकतर भाजपा नेताओं के बेटे थे। इनमें भाजपा की प्रदेश वाइस प्रेसिडेंट सुमन सहगल का बेटा टिक्कू सहगल, जौली बेदी (भाजपा पार्षद का बेटा) समेत आरएसएस से जुड़े करण सहगल, बन्नी गुप्ता, सौरव कपूर समेत 10-15 एबीवीपी के नेता थे, जो पैदल ही गलियों से होते हुए सीधे ईडी कार्यालय के बाहर आ पहुंचे और मजीठिया को गिरफ्तार करो की नारेबाजी शुरू कर दी।

इससे पहले की पुलिस व सुरक्षा कर्मचारी कुछ समझ पाते एबीवीपी नेताओं ने पुतला फूंक दिया और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। एडीसीपी सिटी हरप्रीत मंडेर ने तत्काल पुलिस मुलाजिमों को आदेश दिया कि सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लो। इसके बाद सभी को गाड़ियों में डालकर ले जाया गया। हालांकि पुलिस का सख्त रवैया देखकर कई युवा नेता खिसक गए।
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कांग्रेसियों के प्रदर्शन की भनक तक नहीं लगी

अभी इस कार्रवाई को निपटाकर पुलिस अभी कुछ राहत ही महसूस कर रही थी कि पता चला कि कांग्रेसी नेताओं की टोली भी ईडी कार्यालय की तरफ आ रही है। टोली में शामिल प्रधान राजिंदर बेरी, अमृत खोसला, राज कुमार राजू, पार्षद पवन कुमार, पार्षद पलनी स्वामी, डॉ. प्रदीप सिंह, अरुण जैन समेत कई कांग्रेसी नेताओं को रास्ते में ही रोक लिया गया।

उन्होंने वहीं पर ही मजीठिया का पुतला फूंककर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद एसीपी रविंदरपाल सिंह संधू ने तत्काल पुलिस की गाड़ी मंगवायी और कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया। एबीवीपी नेताओं और कांग्रेसियों को किसी थाने नहीं ले जाया गया बल्कि गाड़ियां रास्ते में ही घूमती रही। एडीसीपी सिटी का कहना है कि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया है।
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