चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि मनरेगा योजना को खत्म करना उसकी किसान-मजदूर विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने फंड में 40 प्रतिशत कटौती कर दी है, जिससे मजदूर और छोटे किसान इस योजना के लाभ से वंचित होंगे। पंधेर ने बताया कि कर्ज के बोझ में दबे राज्य खुद फंड का इंतजाम नहीं कर सकते, जिससे 40 प्रतिशत लोगों का रोजगार सीधे प्रभावित हुआ है। किसान मजदूर मोर्चा ने इसका विरोध शुरू कर दिया है और केंद्र सरकार के पुतले जलाने के प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। मोर्चा देशभर की किसान मजदूर जत्थेबंदियों को आंदोलन से जोड़कर इस फैसले को वापस कराने की कोशिश करेगा।
उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर को पंजाब सरकार के साथ बैठक होनी है, जिसमें मोर्चे की मांगों पर चर्चा होगी। बैठक की तैयारी के लिए सोमवार को मोर्चा ने आंतरिक बैठक बुलाई। पंधेर ने शंभू व खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा हटाने के दौरान किसानों को हुए भारी नुकसान की भरपाई करने की मांग भी उठाई। पंधेर ने सरकार से अपील की कि बैठक से पहले सहमति बनाकर उनकी सभी मांगें पूरी की जाएं, ताकि किसान और मजदूरों का हित सुरक्षित रहे। ब्यूरो