बहुचर्चित भीम टांक मर्डर केस में मुख्य आरोपी शिव लाल डोडा के समर्थकों व उनके परिवार ने सुनील जाखड़ के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए सदर बाजार चौक पर पुतला फूंका। परिवार का कहना कि भीम हत्याकांड पर अबोहर में घटिया राजनीति की जा रही है।
इस प्रदर्शन की अगुवाई शिव लाल डोडा के भाई नानक चंद डोडा, सुमित डोडा, आरुषि डोडा, अनीता डोडा, सुनीता डोडा, अशोक बुलंदी, मुकेश बुलंदी, अशोक आहूजा ने की। सुबह सब लोग थाना रोड स्थित शरणार्थी ट्रांसपोर्ट पर इकट्ठा हुए और जाखड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला।
वक्ताओं ने कहा कि 11 दिसंबर को रामसरा स्थित फार्म हाउस पर कुछ असामाजिक तत्वों ने दलित युवक भीम की हत्या कर दी। इसके रोषस्वरूप एक दिन शहर भी बंद रहा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया, लेकिन इस दौरान पुलिस ने विधायक जाखड़ और प्रदेश भाजपा सचिव संदीप रिणवां के दबाव में आकर शिव लाल डोडा व उसके भतीजे अमित डोडा पर हत्याकांड के साजिशकर्ता के तौर पर मामला दर्ज कर लिया।
परिजनों ने कहा कि शिवलाल डोडा ने 2012 में सुनील जाखड़ के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और सुनील जाखड़ से मात्र कुछ वोट पीछे रह गए। जिसका डर आज भी जाखड़ को सता रहा है। विजय गोलछा, जगदीश भठेजा ने कहा कि भीम टांक हत्याकांड मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए।
अगर शिव लाल डोडा इस मामले में दोषी हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए अगर उनकी इस मामले में कोई भागीदारी नहीं है तो उनके परिवार को इंसाफ दिया जाए। उधर, एसपी हरजीत सिंह ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर ने क्षेत्र में धारा 144 लागू की थी।
जब लोग उक्त धारा तोड़ते हुए रोष प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया लेकिन रुके नहीं। इसलिए थाना सिटी-वन को कुछेक अकाली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। जब उनसे नाम पूछे तो उन्होंने नाम बताने पर चुप्पी साध ली।