प्रमुख गवाह अजय (बाएं से तीसरा) साथियों सहित अदालत में गवाही देने जाते हुए
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अबोहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भीम टांक हत्याकांड की सुनवाई के दौरान बुधवार एक और मुख्य गवाह अजय कुमार ने अतीत में गुरजंट सिंह जंटा उसके भाई रंजीत सिंह राणा व मामा जसपाल सिंह भोला द्वारा हाल ही में किए इस दावे को झूठलाया कि 11 दिसंबर, 2015 को हत्याकांड शराब व्यवसायी शिव लाल डोडा के रामसरा गांव स्थित फार्म हाउस नहीं बल्कि पास स्थित अहाते में हुआ था।
अजय कुमार ने अपनी गवाही में कहा कि जंटा ने यह जानकारी दी थी कि हरप्रीत सिंह हैरी ने फोन पर बताया है कि एक विवाद निपटाने के लिए शिव लाल डोडा व अमित डोडा ने भीम टांक को रामसरा गांव स्थित अपने फार्म हाउस में बुलाया है। वहां जब भीम, जंटा, राणा, जसपाल सिंह व अजय दो कारों में पहुंचे तो भीम और जंटा वाली कार फार्म हाउस के बड़े दरवाजे से भीतर प्रवेश कर गई।
दूसरी कार बाहर खड़ी रही। कुछ मिनट के बाद जब हम छोटे दरवाजे से पैदल फार्म हाउस में दाखिल हुए तो कुछ दूरी पर भीम और जंटा को जमीन पर पटका हुआ था। हैरी और उसके साथी दोनों पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। यह खौफ नायक दृश्य देखकर हम बाहर भाग आए और शोर मचाया तो हमलावर हथियारों सहित गाड़ियों में भाग निकले।