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पुलिस की करामात देखिए, बरामद की अंग्रेजी शराब अदालत में पेश की देसी

Thu, 09 Mar 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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बरामद की अंग्रेजी शराब लेकिन अदालत में पेश की देसी - फोटो : Demo Pic
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एफआईआर में अंग्रेजी शराब की बरामदगी पर अदालत में पेश की देशी शराब। यह है देश में धुरंधर पंजाब पुलिस। पंजाब पुुलिस के इस कारनामे पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाने के साथ ही इस मामले के दो आरोपियों को बरी कर दिया। 
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मामला कुछ यूं है। थाना सुल्तानविंड की पुलिस ने 19 सिंतबर 2012 को कुलदीप सिंह निवासी महिमा पंडोरी के पास से 162 बोतल अंग्रेजी शराब व 60 ग्राम नशीला पाउडर बरामदगी का मामला दर्ज किया। एफआईआर के दो महीने बाद तक बरामद शराब मालखाने में जमा नहीं करवाई।

उधर, अदालत में चालान पेश कर दिया। जांच अधिकारी गुरबेज सिंह ने एफआईआर में लिखा कि आरोपी कुलदीप सिंह व जतिंदर सिंह को उन्होंने पुलिस नाके के दौरान रोका। कार की तलाशी लेते समय 162 बोतल अंग्रेजी शराब व 60 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया। इस दौरान कुलदीप सिंह को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया जबकि कार ड्राइवर जतिंदर सिंह भागने में सफल रहा। 
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मालखाने से कहां गई अंग्रेजी शराब?

- फोटो : File Photo
यह मामला अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश अवतार सिंह की अदालत में पहुंचा। दोनों तरफ से इस मामले में जमकर बहस हुई। डिफेंस पक्ष के तरफ से विजय गुप्ता ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस ने जानबूझकर उनके दोनों मुवक्किल को फंसाया है। अदालत में देशी शराब पेश की है जबकि एफआईआर में अंग्रेजी शराब का उल्लेख है। इसी बात को लेकर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि क्यों न पुलिस को इस मामले में अदालत का समय बर्बाद करने के आरोप में सजा दे। हालांकि न्यायाधीश ने पुलिस को फटकार लगाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। 

मालखाने से कहां गई अंग्रेजी शराब
इस मामले में अब पुलिस जांच कर रही है कि अंग्रेजी शराब कहां गई। अगर मालखाना में जांच अधिकारी ने अंग्रेजी शराब जमा करवाई थी तो चार सालों में अंग्रेजी शराब देशी कैसे बन गई। उधर, अदालत में जब अंग्रेजी शराब के स्थान पर देशी शराब पेश की गई तो अदालत ने जमकर फटकार लगाई तो वहां पर उपस्थित पुलिस वालों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगी। इस मामले में जांच अधिकारी गुरबेज सिंह ने अदालत से निवेदन किया है कि जो भी सच्चाई है उसे वो अदालत के सामने रखेंगे, उसके लिए मोहलत दी जाए।
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