इनेलो में कड़े एक्शन के बाद नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। उन्होंने दुष्यंत-दिग्विजय को जहां अपना बच्चा बताया है, वहीं पार्टी संगठन में अनुशासन को सर्वोपरि करार दिया है। यहां पत्रकारों से बातचीत में अभय ने कहा कि संगठन में बदलाव का फैसला 3 अक्टूबर को गुरुग्राम में कार्यकारिणी की बैठक में हुआ था। इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला ने संगठन के लिए सही काम करने वालों को मौका दिया है, चूंकि ये चुनावी साल है।
इनसो और युवा इनेलो की जिम्मेवारी गोहाना रैली में लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए लगाई गई थी। किसी को असुविधा न हो, इसके लिए उनको कहा गया था कि लोगों के लिए व्यवस्था उपलब्ध करवाने का जिम्मा उनका रहेगा। इनसो और युवा इनेलो ने रैली में ठीक से जिम्मेदारी नहीं निभाई और ये मंच से ओपी चौटाला ने देखा है। उन्होंने इसके चलते ही कार्रवाई की है। सांसद दुष्यंत व दिग्विजय हमारे बच्चे हैं, उनसे कोई न मतभेद और न ही मनभेद है। पार्टी संगठन में अनुशासनहीनता नहीं चलेगी।
ये इनेलो का घरेलू मामला : सीएम
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि यह इनेलो का घरेलू मामला है। इनेलो में ऐसे हालात बन गए है कि किसी को बाहर करते हैं किसी संगठन को भंग कर दिया जाता है। ऐसी पार्टियों से जनता के भले की अपेक्षा नहीं की जा सकती। जो कुछ हो रहा है उस पर जनता संज्ञान लेगी। सब देख रहे हैं कि किस तरह अनुशासन तोड़ा जा रहा है और घर में द्वंद चला हुआ है।
देवीलाल की विरासत को न बिखरने दें ओपी : शर्मा
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला को सलाह दी है कि वह चौधरी देवीलाल की विरासत को बिखरने न दें। वह देवीलाल के साथ जेल में रहे और उनके साथ मंत्रिमंडल में भी काम किया। देवीलाल का सम्मान करता हूं। ओम प्रकाश चौटाला को भी उनकी विरासत संभालकर रखनी चाहिए।