-विपक्ष बोला, सच बोलने के लिए एक ईमानदारी के खिलाफ की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से अमृतसर उत्तरी से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी से निलंबित करने से राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्ष ने इसे लेकर आप पर हमला बोला है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जब कुंवर विजय ने आप का दामन थामा था, जब उनके साथ आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बड़े-बड़े वादे किए थे कि बरगाड़ी मामले में न्याय दिलाया जाएगा और ड्रग्स माफिया खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन अब आप के ईमानदार विधायक कुंवर विजय को सच बोलने के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। कुंवर की गलती इतनी है कि उन्होंने आप की गलत नीतियों के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई है। आप को जवाब देना चाहिए कि क्या इसलिए ही पंजाब के लोगों ने उनको सत्ता सौंपी थी, ताकि वह पंजाब के लिए खड़ होने वालों को चुप करवा सके।
आप का मतलब निकल गया तो कुंवर को कर दिया निलंबित: बिट्टू
केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जब कुंवर विजय प्रताप का फायदा लेना था तो उसे पार्टी में लेकर आए, ताकि लोगों को यह विश्वास हो सकें कि आम आदमी पार्टी नशे के खिलाफ कार्रवाई करेगी। अब जब मतलब निकल गया है, तो उनको पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुंवर विजय नशों को लेकर सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर किया था और सच बोलने के लिए उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
पार्टी के खिलाफ लगातार बयान देना अनुशासन के खिलाफ : नील गर्ग
कुंवर विजय प्रताप को पार्टी द्वारा पांच साल के लिए निष्कासित किए जाने पर आप प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि पार्टी की गतिविधियों के खिलाफ लगातार सार्वजनिक बयान देना पार्टी में अनुशासन के खिलाफ है। यह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। गर्ग ने कहा कि विक्रम मजीठिया पर हुई कार्रवाई का पूरा पंजाब समर्थन कर रहा है, लेकिन कुंवर विजय प्रताप पार्टी के विधायक होने के बावजूद जानबूझकर इसके खिलाफ बातें कर रहे थे, जो बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने कहा कि अगर कुंवर विजय को कोई एतराज था तो वह अपनी बात पार्टी प्लेटफाॅर्म पर रख सकते थे या मुख्यमंत्री से अपनी शिकायत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से शिकायत की। यह स्पष्ट तौर पर पार्टी के नियमों के खिलाफ है।
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सरकार के खिलाफ हमेशा मुखर रहे कुंवर
-वर्ष 2021 में आप से जुड़े, नशे, अवैध खनन व बेअदबी को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाते रहे सवाल
चंडीगढ़।
अमृतसर उत्तरी से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह हमेशा सरकार के खिलाफ मुखर रहे। वह नशे, अवैध खनन व बेअदबी के मामलों को लेकर हमेशा अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। विधानसभा में भी अकसर आप सरकार को घेरते रहे हैं। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से प्रभावित होकर वर्ष 2021 में उन्होंने पार्टी का दामन थामा था। वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा से ठीक पहले केजरीवाल ने खुद उनको पार्टी में शामिल कराया था। कुंवर अपनी पुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए थे। विधानसभा चुनाव में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार अनिल जोशी को 28,318 के बड़े अंतर से मात दी थी। आप के चुनाव जीतने के बाद उनको मंत्री बनाने की भी खूब चर्चा हुई थी। हालांकि, भगवंत मान मंत्रिमंडल में उनको शामिल नहीं किया गया। पंजाब में आप सरकार बनने के कुछ समय बाद ही उनकी नाराजगी सामने आने लगी थी और सरकार के बनने के बाद अफसरों के तबादलों और नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद ही विधानसभा में भी अलग-अलग मुद्दों पर उनके विरोध से पार्टी के साथ उनकी दूरियां बढ़ती गई। उन्होंने अकाली नेता मजीठिया की गिरफ्तार पर सवाल उठाए, लेकिन यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अकसर वह कई बार आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाते रहे हैं। कुंवर विजय प्रताप बरगाड़ी गोलीकांड की जांच कर चुके हैं। वह आईजी रहते हुए केस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का हिस्सा रहे।