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Chandigarh News: बैंक लोन का गलत इस्तेमाल करने पर आप विधायक के भाई से ईडी ने की पूछताछ

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-सीबीआई ने बाद अब ईडी ने भी तेज की पूछताछ, वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पेशी के बाद सीबीआई कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ईडी ने 40.92 करोड़ के बैंक फ्राॅड मामले में तारा काॅर्पोरेशन लिमिटेड व तारा हेल्थ फूड लिमिटेड के डायरेक्टर बलवंत सिंह को कस्टडी में लेकर पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार तो पूछताछ में सामने आया कि बलवंत सिंह ने फर्म के जरिये करोड़ों रुपये बैंक से लोन लेकर गलत इस्तेमाल किया। सीबीआई इस मामले में पहले ही बलवंत सिंह को हिरासत में ले चुकी है, जिसे वीरवार को सीबीआई की मोहाली कोर्ट में वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग से पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

कंपनी के नाम पर लिए गए रुपयों को संपत्तियों, स्टॉक और विदेश की कई कंपनियों में निवेश किया। बता दें इससे पहले सीबीआई ने 7 मई 2022 को आप के विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा के ठिकानों पर रेड की थी, रेड के दौरान सीबीआई को विधायक के मालेरकोटला स्थित घर से 94 खाली चेक बरामद हुए थे, यह चेक अलग-अलग लोगों के नाम से उनके आधार कार्ड की कॉपी के साथ जब्त किए थे। ईडी के अधिकारी ने बताया कि डायरेक्टर बलवंत सिंह से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसने इस कंपनी के जरिये विधायक गज्जनमाजरा को भी गैर कानूनी तरीक से आर्थिक लाभ पहुंचाया था। बताया जा रहा है बैंक से धोखाधाड़ी की गई रकम को कंपनी के डायरेक्टरों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी अवैध संपत्तियां तैयार की थीं।
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आप विधायक है कंपनी का निदेशक एवं गारंटर
ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में यह सामने आया है कि अमरगढ़ से आप विधायक गज्जन माजरा इस कंपनी में निदेशक और गारंटर था। उसके भाई बलवंत सिंह और कुलवंत व भतीजा तेजिंदर सभी कंपनी के निदेशक और गारंटर थे। पिछले साल ईडी ने इस केस में विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में हिरासत में ले लिया था। सितंबर 2022 में ईडी की टीम ने गज्जनमाजरा के घर के अलावा अमरगढ़ में उनके परिवार की ओर से संचालित एक स्कूल और एक पशु चारा फैक्टरी पर छापा मारा था।
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बैंक ऑफ इंडिया से लिया गया था ऋण
गज्जनमाजरा बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बनाए गए सात लोगों और कंपनियों में से एक हैं। आरोपियों में बलवंत सिंह, कुलवंत सिंह, तेजिंदर सिंह, मेसर्स तारा हेल्थ फूड्स लिमिटेड, इसके निदेशकों के माध्यम से मेसर्स तारा कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बदला हुआ नाम मलौध एग्रो लिमिटेड) शामिल हैं। लुधियाना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा की ओर से मालेरकोटला के गौंसपुरा में गज्जनमाजरा की फर्म के खिलाफ शिकायत के बाद सीबीआई जांच की गई थी। खाद्यान्न के व्यापार में लगी इस कंपनी को 2011 से 2014 के बीच चार अंतराल पर बैंक की ओर से ऋण स्वीकृत किया गया था।
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