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भांग, भुक्की, अफीम के नशे पर लगी रोक हटाएं : डा. गांधी

Mon, 02 Jan 2017 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांसद ध्‍ारमवीर गांध्‍ाी - फोटो : File Photo
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पंजाब में नशा और नशा तस्करी के खिलाफ मुहिम चलाने का दावा कर रहे सभी राजनीतिक दलों के विपरीत आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के नेतृत्व वाले पंजाब फ्रंट ने पंजाब में रिवायती नशाखोरी की छूट देने की मांग की है। उन्होंने नशाबंदी को सियासी दलों की जुमलेबाजी करार देते हुए कहा है कि नशे पर सख्ती से रोक नहीं लगाई जा सकती बल्कि परंपरागत नशा की छूट देकर हेरोइन, चिट्टा, स्मैक जैसे घातक नशों का प्रयोग और तस्करी को हतोत्साहित किया जा सकता है।
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सोमवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डॉ. गांधी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारी करते हुए नशाबंदी को मुख्य मुद्दा बनाने वाले शिअद-भाजपा गठबंधन, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या मजीठिया को गिरफ्तार कर लेने से नशे की तस्करी रुक जाएगी? उन्होंने एनडीपीएस एक्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस एक्ट के तहत मामूली नशा करने वाले भी गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिए जा रहे हैं। 

डॉ. गांधी ने कहा कि नशा करने वाले या नशे के आदी लोग अपराधी नहीं हैं बल्कि बीमार हैं। उन्हें सहानुभूति और इलाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भांग हर जगह उगती है और यह नशा सदियों से इस क्षेत्र में एक रिवायती नशा है, जिसके तय सीमा में सेवन किसानों, मजदूरों को शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ रखता है। अफीम और भुक्की भी रिवायती नशे हैं। लेकिन एनडीपीएस एक्ट के तहत इन रिवायती नशे पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। डॉ. गांधी ने इसे सरकार की साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि रिवायती नशे पर रोक लगाने से ही अन्य घातक नशों की तस्करी को शह मिलती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में एनडीपीएस एक्ट ही माफिया और नशे के सौदागर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन ही माफिया का काम कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लोगों को रिवायती नशे निश्चित मात्रा में और सस्ती दरों पर उपलब्ध होने चाहिए।
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25 देशों में नशा रोकथाम का अध्ययन किया : डॉ. गांधी

drugs - फोटो : Demo Pic
डॉ. गांधी ने आरोप लगाया कि पंजाब में तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों में भी नशा माफिया घुस गया है जो नशे की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने का हौवा खड़ा कर नशे के आदी लोगों को आर्थिक तौर पर लुटने पर मजबूर कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ जुमलों और ड्रामेबाजी से नशे की समस्या हल नहीं हो सकती। इस मुद्दे पर उन्होंने पंजाब फ्रंट का नारा भी बताया,  ‘नशा कानून सोधांगे, अफीम भुक्की खोलांगे, नशा माफिया तोड़ांगे।’ उन्होंने कहा कि सांसद के रूप में उन्होंने एनडीपीएस एक्ट में संशोधन की मांग करते हुए तीन बार संसद में प्रस्ताव दिया है, लेकिन संसद नहीं चलने के कारण उस पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि वे अब लोकसभा के अगले सत्र में इस मांग को फिर उठाएंगे।

25 देशों में नशा रोकथाम का अध्ययन किया : डॉ. गांधी
डॉ. गांधी ने कहा कि उन्होंने डेढ़ साल तक दुनिया के 25 देशों में नशे की समस्या और उसकी रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों का अध्ययन करके इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि भारत में अगर नशे पर काबू पाना है तो पुर्तगाल, बेल्जियम, अमेरिका के 35 स्टेटों व कनाडा में उठाए गए कदमों का अनुसरण करना होगा। उन्होंने कहा कि इन देशों में एक सीमा तक रिवायती नशे की छूट है और सरकार की देखरेख में यह नशा उपलब्ध कराया जाता है। इससे अन्य नशे की ओर लोगों का रुझान नहीं होता और नशा तस्करी का आसानी से हल निकाला जा सकता है।
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