आम आदमी पार्टी (आप) के लिए हरियाणा विधानसभा चुनाव में इस बार भी सूखा जारी रहा और पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाई है। आप ने सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसके लिए पंजाब से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद कमान संभाली थी। यहां तक कि चार जिलों में उन्होंने जोर-शोर से प्रचार भी किया था।
पार्टी का फोकस खासकर बॉर्डर एरिया के साथ लगती सीटों पर था, जिसमें अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, कालका, पंचकूला, टोहाना, रतिया, नरवाना, डबवाली, नारायणगढ़, शाहबाद, थानेसर, पिहोवा, कैंथल, पुंडरी, करनाल समेत अन्य सीटों शामिल हैं। यही कारण है कि इन सीटों पर सीएम मान ने प्रचार के लिए खुद उतरने के साथ ही 14 कैबिनेट मंत्रियों को भी उतारा था। इसके अलावा पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों के साथ विधायकों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। यहां तक कि पार्टी प्रमुख अरविंद ने भी प्रदेश में बड़ी रैलियों व रोड शो किए थे, बावजूद इसके पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
आप ने प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचारकों की जारी की थी, जिसमें पंजाब से कैबिनेट अमन अरोड़ा, हरजोत बैंस, कुलदीप सिंह धालीवाल, हरभजन सिंह ईटीओ व लालजीत भुल्लर शामिल थे। इसके अलावा पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, अनमोल गगन मान, सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर व डॉ. राजकुमार चब्बेवाल भी इस सूची में शामिल थे।
आप हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में उतरने की तैयारी कर रही थी। गठबंधन के लिए सब कुछ फाइनल भी हो गया था, लेकिन चुनाव से ठीक पहले सहमति नहीं बन पाई थी। पंजाब में आप व कांग्रेस आमने सामने हैं। कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल है। यही भी एक वजह है कि पंजाब में दोनों पार्टियों के नेता यह नहीं चाहते थे कि हरियाणा में यह गठबंधन सिरे चढ़े, क्योंकि इसका प्रभाव पंजाब की राजनीति में भी पड़ना था। यह भी एक वजह है कि दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया था। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जगाधरी सीट पर आप उम्मीदवार को 43 हजार से ऊपर वोट पड़े हैं। पार्टी के सभी वर्करों ने कड़ी मेहनत की, जिसके लिए मैं सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताता हूं।