पंजाब विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में उतरी आम आदमी पार्टी सीएम उम्मीदवार के नाम पर चुप है। दोनों प्रमुख विरोधी पार्टियां अपना सीएम उम्मीदवार घोषित कर चुकी हैं।
इस बारे में पार्टी का तर्क है कि सही वक्त पर मुख्यमंत्री के नाम की भी घोषणा कर दी जाएगी। पंजाब में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और शिअद-भाजपा गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सीएम पद का दावेदार घोषित किया गया है।
ऐसे में आप से भी उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं होने से अलग अलग नेताओं को सूबे के मुखिया का पद दिए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
सिसोदिया के बयान पर उठा था विवाद
मनीष सिसोदिया
- फोटो : अमर उजाला
आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मीडिया सलाहकार दीपक वाजपेयी ने कहा कि कांग्रेस की तरह आप के अंदर में किसी तरह का अंदरूनी विवाद नहीं है। इसलिए पंजाब में जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा। फिलहाल सभी प्रत्याशियों का लक्ष्य आम जनता को पार्टी की नीतियों से रूबरू कराना है।
सिसोदिया के बयान पर उठा था विवाद
कुछ दिन पहले मोहाली में एक चुनावी सभा में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि लोग केजरीवाल को मुख्यमंत्री मानकर वोट दें। इस बयान पर काफी विवाद हुआ था और सांसद भगवंत मान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया भी जताई थी। इसके बाद खुद केजरीवाल ने यह कहकर मामला शांत किया था कि सूबे का मुख्यमंत्री पंजाबी ही होगा।
मुख्यमंत्री पद के हैं कई दावेदार
आप के सांसद और जलालाबाद से उम्मीदवार भगवंत मान, दाखा से उम्मीदवार एचएस फुलका, मजीठा से चुनाव लड़ रहे एचएस शेरगिल, लंबी से मैदान में उतरे जरनैल सिंह, खरड़ से चुनाव लड़ रहे कंवर संधू सहित