पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद संगरूर लोकसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। पार्टी की ओर से चुनाव प्रचार के लिए छह कैबिनेट मंत्रियों की तैनाती की गई है। मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी संगरूर फतेह करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भगवंत मान ने इस लोकसभा सीट पर 2019 में 1.10 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
आम आदमी पार्टी ने अपना गढ़ बरकरार रखने के मकसद से संगरूर में चुनाव प्रचार के लिए सोमवार को छह मंत्रियों की प्रतिनियुक्ति की। कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिंपा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह, गुरमीत सिंह मीत हेयर और लालजीत सिंह भुल्लर को संगरूर संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त किया गया है। मंत्री सरकार की उपलब्धियों और अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की सफलता पर प्रकाश डालते हुए निर्वाचन क्षेत्र में बैठक कर रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।
पार्टी के उम्मीदवार गुरमेल सिंह घराचोन की आम आदमी की छवि भी लोगों को बेची जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले एक सांसद के रूप में इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस साल विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। मान ने 2019 में 1.10 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।
मुख्यमंत्री सहित तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
संगरूर संसदीय सीट के तहत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री सहित तीन मंत्रियों के साथ सीट बनाए रखने की लड़ाई सरकार के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। वहीं, अन्य राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद इस पोल के जरिये अपनी स्थिति को भुनाने पर विचार कर रहे हैं।