सभी पार्षद करीब सात-आठ इनोवा व अन्य गाड़ियों में पहुंचे। इन गाड़ियों के आगे और पीछे पंजाब पुलिस की भी एक गाड़ी नजर आई। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी सभी पार्षदों के आगे पीछे कुछ नए चेहरे घूमते नजर आए, जो लगातार पार्षदों पर नजर बनाए थे। नगर निगम के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब पार्षदों पर इतनी कड़ी निगरानी रखी गई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है कि भाजपा फिर से आम आदमी पार्टी को कोई झटका न दे दें। आप के पार्षद नामांकन भरने के बाद फिर रोपड़ के रिसोर्ट में चले गए। अब मेयर चुनाव के दिन तक वह वहीं रहेंगे।
नामांकन में नहीं नजर आए हाल में दल बदलने वाले दोनों पार्षद
नामांकन के दौरान सिर्फ एक कांग्रेस पार्टी ही थी, जिसके सभी पार्षद मौजूद रहे। भाजपा और आप के वे दोनों पार्षद नजर नहीं आए, जिन्होंने हाल में पार्टी का दामन थामा है। कुछ दिन पहले आप से भाजपा में गए पार्षद लखविंदर सिंह बिल्लू भी नामांकन में नजर नहीं आए और न ही भाजपा से आप में गए गुरचरणजीत सिंह काला नजर आए। नाम न छापने की शर्त पर भाजपा के एक नेता ने बताया कि लखविंदर सिंह बिल्लू ‘सुरक्षित स्थान’ पर हैं। वहीं, गुरचरणजीत सिंह के आप पार्षदों के साथ ही रोपड़ में होने की संभावना है।