कॉमेडियन जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी को जब आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया तो कयास लगाए जाने लगे कि चंडीगढ़ लोकसभा का चुनाव का मुकाबला अब कड़ा होगा।
टिकट घोषित होते ही उन्होंने प्रचार के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। लोग जुड़ने लगे, प्रचार की भी चर्चा भी होने लगी थी, लेकिन इस बीच वालंटियर उनसे दूर होने लगे।
उनके खिलाफ अंदर खाते एक मुहिम चल पड़ी। पार्टी हाईकमान को दर्जनों मेल भेजी गईं।
बीते शनिवार को पार्टी की बैठक में उनके खिलाफ मोर्चा खोले कार्यकर्ताओं ने उनके चुनाव प्रचार पर सवाल खड़े कर दिए। बात जसपाल भट्टी तक पहुंच गई।
सवाल उठा कि प्रचार के दौरान पार्टी का नाम कम और जसपाल भट्टी नाम ज्यादा लिया जा रहा है।
इससे भट्टी को काफी धक्का पहुंचा और कहीं न कहीं नाम वापस लिए जाने के पीछे यह भी एक प्रमुख कारण रहा। प्रेस वार्ता में कई ऐसे सवाल उठे, जिनका जवाब देते-देते बाद में वे भावुक भी हो गईं। एक नजर डालते हैं प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए प्रमुख सवाल और उनके जवाब पर।
सवाल: आप ने उम्मीदवारी क्यों छोड़ी?
जवाब: जब आप नई जगह जाते हैं तो कई बार लोगों की सोच नहीं मिलती, लेकिन विजन सबका एक ही होता है। मेरी सोच यहां के कुछ वालंटियर के साथ मेल नहीं खा रही थी। हो सकता है मेरी जगह कहीं और हो और उस जगह को मैं ढूंढ लूंगी।
सवाल: आप एक सेलिब्रेटी हैं और पार्टी ने आम के बजाए खास को टिकट दिया?
जवाब: मैं एक सेलिब्रेटी हूं और खास होकर भी आम आदमी हूं। हमारा और केजरीवाल का एक ही विजन रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सभी लड़ाई हमने सड़कों पर लड़ी हैं।
सवाल: क्या अब पार्टी के घोषित उम्मीदवार का समर्थन करेंगी?
जवाब: मैंने उम्मीदवारी छोड़ी है, पार्टी नहीं। इस देश के लिए केजरीवाल की मुहिम बहुत जरूरी है। उस मुहिम के साथ मैं हमेशा जुड़ी रहूंगी।
सवाल: आरोप है कि आप विरोधियों पर कुछ भी बोलने से बच रही थी?
जवाब: मैंने पहले ही दिन कह दिया था कि मैं पाजिविटी तरीके से अपना चुनाव प्रचार करूंगी। मैं अपना प्रचार पूरे शालीनता से करना चाहती थीं।
सवाल: चर्चा है कि कुछ वालंटियर ने आप को चुनाव प्रचार के दौरान भट्टी का नाम नहीं लेने की बात कही थी?
जवाब: मैं जसपाल भट्टी का नाम न लूं? यह कैसे हो सकता है। मैं जसपाल भट्टी नहीं हूं, लेकिन मैं आज जो कुछ भी हूं वह उनकी वजह से हूं। इतना कहते ही वे भावुक हो गईं और वे वहां से निकल गईं।