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'आप' के मंत्री का भाजपा पर बड़ा आरोप: मुंडियां बोले- ईडी अफसरों ने परिवार पर दबाव डाला कि मैं पार्टी छोड़ दूं

Thu, 24 Sep 2026 09:25 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे के घर ईडी ने दबिश दी। मुंडियां ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्हें आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने का राजनीतिक दबाव बनाया गया और परिवार को प्रताड़ित किया गया।
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ईडी एक्शन पर भड़की आप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लुधियाना में भतीजे के घर बुधवार आधी रात तक चली ईडी की दबिश के बाद पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि वे भाजपा के आगे झुकने वाले नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कह कि ईडी के अधिकारियों ने उनके परिजनों पर दबाव डाला कि वे उन पर आम आदमी पार्टी छोड़कर अन्य दल में शामिल होने को कहें। मंत्री ने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान के सिपाही हैं।

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मंत्री मुंडियां ने भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के उन दावों पर पलटवार किया, जिनमें कहा गया था कि वे पंजाब छोड़कर अमेरिका चले गए हैं। मुंडियां ने तंज कसते हुए कहा कि बिट्टू ने अपनी टिकट कटने के बाद शायद कोई ट्रैवल एजेंसी खोल ली है और अब वे पंजाब के नेताओं को अमेरिका भेज रहे हैं।

मुंडियां ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भतीजे प्रिंस के घर ईडी की कार्रवाई के दौरान एक विधवा, बच्चों और एक गर्भवती को परेशान किया गया। पंजाबियों को ईडी की रेड या धमकियों से नहीं डराया जा सकता। उन्होंने कहा कि परिवार पहले ही एक त्रासदी का सामना कर चुका है। जिसके बाद उनका भतीजा अपने बच्चों समेत लुधियाना आ गया था और परिवार के पालन-पोषण के लिए व्यवसाय शुरू किया था। मुंडियां ने कहा, ईडी की तलाशी के दौरान एक विधवा और उसकी छोटी बेटी को परेशान किया गया और धमकाया गया।

ईडी पर प्रताड़ना के आरोप
मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी के अधिकारियों ने परिवार को कहा कि वे उन्हें संदेश दें कि आप छोड़ दूं और मेरा भतीजा मेरा समर्थन करना बंद कर दे, क्योंकि आप एक गलत पार्टी है। उनके अनुसार इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ जांच करना नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव बनाना है। मंत्री ने कहा कि कार्रवाई के दौरान एक छोटी बच्ची घंटों भूखी रोती रही और एक महीने के नवजात बच्चे को दूध तक नहीं पिलाने दिया गया।
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भतीजे की गर्भवती पत्नी को तीन से चार घंटे खड़ा रखा गया। जब अधिकारी जाने लगे तो परिवार ने घर से बरामद हुई चीजों का लिखित रिकॉर्ड मांगा। इस पर अधिकारियों ने एक दस्तावेज दिया जिसमें लिखा था कि पुराने घरेलू सामान के अलावा कुछ भी बरामद नहीं हुआ है।
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