हालांकि हरियाणा में आप वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों से सक्रिय है। लेकिन पिछले करीब एक साल से आप प्रदेश में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुटी है। अरविंद केजरीवाल के भी कई दौरे हरियाणा में हो चुके हैं और अब फिर नवंबर में केजरीवाल हरियाणा आएंगे। बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उनकी पार्टी हरियाणा में जाट और नॉन जाट की राजनीति से बाहर निकलकर जनता के जनहित के मुद्दों की राजनीति करेगी।
केजरीवाल के अनुसार बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो आज तक प्रदेश में मतदाताओं को सिर्फ जातिगत समीकरणों को दायरे में रखकर अपनी जाट और नॉन जाट की राजनीति चमकाई है। इसलिए हरियाणा आज तक अपेक्षाकृत आगे नहीं बढ़ पाया। लेकिन आप हरियाणा में अब यह दायरा तोड़कर स्कूल, अस्पताल, सड़कें, बिजली, पानी, किसान, रोजगार, युवाओं का विकास और जवान जैसे मुद्दों पर राजनीति करेगी।