आम आदमी पार्टी से सुखपाल सिंह खैरा और कंवर संधू को निलंबित करने के बाद पार्टी में बगावत तेज हो गई है। आप विधायक जगतार सिंह हिस्सोवाल ने इस निलंबन को साजिश बताते कहा कि इससे पार्टी कमजोर हुई है। शिरोमणि अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल को विरोधी पक्ष का नेता बनने का रास्ता साफ होता जा रहा है। क्योंकि दो विधायकों के निलंबन के बाद आप की संख्या विधानसभा में कम हो गई है।
अगर जूनियर बादल एलओपी बन गए तो इसकी जिम्मेदारी अरविंद केजरीवाल की होगी। पार्टी के कुछ नेता अपनी पार्टी को कमजोर कर अकाली दल को मजबूत करने पर तुले हैं।
केजरीवाल सबसे बड़े फिरकाप्रस्त
आप बागी सांसद हरिंदर सिंह खालसा का कहना है कि अरविंद केजरीवाल खुद सबसे बड़े फिरकापरस्त हैं और उन्हें खालसा शब्द से नफरत है। सुखपाल खैरा और कंवर संधू को निलंबित किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते खालसा ने कहा कि पार्टी का पंजाब में पहले भी भोग डल चुका है। 2019 के चुनाव में पार्टी को एक सीट भी नहीं आएगी।
हालांकि खालसा ने पार्टी की तरफ से टिकट न मिलने पर किसी अन्य पार्टी में शामिल होने से साफ इंकार करते कहा कि पार्टी में इस समय यूपी और बिहार वालों ने दबदबा कायम करने की कोशिश की। जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली, तो उन्होंने धड़ाधड़ पार्टी से नेताओं को बाहर निकालना शुरू कर दिया है।