राज्य में हिंदुओं की संख्या कुल जनसंख्या की 38.5 फीसदी है। राज्य में 45 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हिंदू मतदाताओं की संख्या अधिक है। भाजपा की सीट मानी जाने वाली जालंधर की तीनों शहरी सीटों में से दो आप ने झटक ली। दसूहा जो हिंदू मतदाताओं का गढ़ माना जाता है, वहां से आप के उम्मीदवार करमबीर सिंह ने 14 हजार के अधिक मतों से जीत हासिल की।
कंडी क्षेत्र जो हिंदू वोटरों का गढ़ है, वहां से आप को कई सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं लुधियाना सिटी, अमृतसर सिटी पर भी आप का झाड़ू चला। मोहाली में भी शहरी मतदाताओं ने आप का झंडा लहराया। पंजाब में पीएम मोदी की तीन बड़ी रैली रखी गई थी और उनकी रैलियों के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि भाजपा का शहरों में तेजी से वोट बढ़ेगा और शहरी मतदाता भाजपा को आगे लाएंगे लेकिन आप की टीम ने शहरी मतदाताओं पर पहले जादू कर दिया था।
कांग्रेस 2017 के चुनाव में माझा की 25 में से 22 सीटों पर विजयी रही लेकिन इस बार उसके गढ़ में आप ने सेंध लगा दी। माझा का एक बड़ा इलाका पंथक वोट का गढ़ है और आप वहां भी विश्वास को बनाकर आगे बढ़ी। माझा की 21 सीटें पठानकोट, गुरदासपुर व अमृतसर जिलों में हैं और यहां भाजपा व कांग्रेस को सीट मिलने की उम्मीद थी लेकिन आप ने पूरा उलटफेर कर दिया और अमृतसर में विधानसभा हलका अमृतसर केंद्रीय में आम आदमी पार्टी के डॉ. अजय गुप्ता ने कांग्रेस के ओम प्रकाश सोनी को हरा दिया।
अमृतसर की सीटें भाजपा कांग्रेस की मानी जाती रही हैं और इस बार नौ सीटें आप के खाते में चली गई। आप ने जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली समेत तमाम शहरों में अपना जलवा दिखाया है। जिससे साफ है कि शहरी व हिंदू मतदाताओं ने जहां आप पर विश्वास जताया वहीं मालवा में आप की आंधी ने सब कुछ उजाड़ दिया और मजबूत वृक्ष गिरा दिए।