पंजाब शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। राज्य सरकार के इस प्रयास से गरीब और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को मानक शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। स्कूल ऑफ एमिनेंस निजी स्कूलों से कई गुणा बढ़िया हैं। अभिभावक निजी स्कूलों से बच्चों को हटा कर अब से सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाना शुरू कर देंगे। सरकारी अध्यापक भी बच्चों को यहां पढ़ाएंगे।
मान बोले- गरीब व पिछड़े वर्गों के बच्चों की तकदीर बदलेंगे ये स्कूल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि ये स्कूल हमारे विद्यार्थियों की तकदीर बदल देंगे। यह अभी शुरुआत है। राज्य में ऐसे और स्कूल भी खोले जाएंगे। पहले की सरकारों ने पेंट कर स्कूलों के बाहर स्मार्ट स्कूल लिख दिया था लेकिन परंतु अब सही रूप में सरकारी स्कूल स्मार्ट स्कूल बने हैं।
सरकारी स्कूलों में अध्यापक बहुत काबिल हैं लेकिन पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। सरकार अध्यापकों को आईआईएम व विदेश में ट्रेनिंग लेने के लिए भेज रही है, जो प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में उनकी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में किए थे, उनको ही पंजाब में लागू किया जा रहा है। मोहल्ला क्लीनिकों में लोगों को निशुल्क सेहत सेवाएं मिल रहीं हैं। राज्य भर में 50 लाख से अधिक मरीजों से यह सुविधा हाल में ही हासिल की है। नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अमृतसर में ही 36097 को नौकरी दी गई है।
स्कूलों में मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा: बैंस
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि राज्य में बच्चे अब एआई से पढ़ाई करेंगे। सरकारी स्कूलों में हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा शुरू होगी। स्कूलों से ही बच्चों को आईटी की शिक्षा उपलब्ध करवाई जाएगी। पंजाब में शिक्षा का स्तर और ऊंचा होगा।