इस पर मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि सरकार ने संशोधन लागू कर दिया है फिर भी जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद भी विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और सरकार से जवाब की मांग करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि शून्य काल में सरकार किसी मुद्दे पर जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है। इसके बाद आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
शून्यकाल के दौरान ही, अकाली दल के विधायक हरिंदर सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यह कीमतें केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई जा रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाकर इनकी कीमतों को कम करे।
मजीठिया के सवाल पर भड़के कांग्रेसी
अकाली विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया ने स्वास्थ्य मंत्री से जानना चाहा कि उनके (स्वास्थ्य मंत्री) समेत सभी मंत्री फोर्टिस जैसे बड़े निजी अस्पतालों में कोरोना का टेस्ट और इलाज कराते रहे हैं। क्या मंत्रियों को सूबे के सरकारी अस्पतालों के इलाज पर भरोसा नहीं है। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पिछली सरकार के अन्य नेताओं और पारिवारिक सदस्यों द्वारा सरकारी खर्च पर विदेश में इलाज करवाने का मुद्दा उठाया। इस जवाब के बाद सदन में अकाली और कांग्रेसी सदस्यों में तीखी नोकझोंक हुई।