मेरी मौत का जिम्मेदार डॉ. राज सिंह मलिक है। मैं राजसिंह मलिक की जमीन पिछले चार-पांच साल से ठेके पर ले रहा हूं। डॉक्टर हर बार अपने नाम से जे फार्म कटवाता है और मुझ पर ज्यादा पैसे देने का दबाव बनाता है। इसी परेशानी में मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे दुख है कि मैं अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा पाया। मैं मेरी बहन सुनीता, मेरी मां, मेरी बीवी, मेरे बच्चों से बहुत प्यार करता हूं। मुझे मेरी बीवी पर गर्व है, वह बहुत अच्छी है, मैं आशा करता हूं मेरे बाद मेरे परिवार की जिम्मेदारी वो अच्छे से निभाएगी।
मैंने जाने-अनजाने में परिवार के किसी सदस्य का दिल दुखाया हो तो मुझे माफ करना। मेरी किस्मत नहीं कि मैं ज्यादा दिन आपके बीच रह सकूं। मैं आज लिखते हुए बहुत रोया हूं। लेकिन और राह नहीं बची है, मेरी जिंदगी में पिता के सहारे की कमी हुई, अगर वो होते तो आज ऐसा न होता। आज मैं अपने बच्चों के सिर से पिता का साया खत्म करके जा रहा हूं।
मेरा यह सुसाइड नोट मेरे परिवार के सभी भाइयों को पढ़ाना। एक बार फिर मैं अपनी पत्नी सुशीला व बहन सुनीता को मेरी बच्चों की परवरिश की गुहार लगाता हूं। आप दोनों ही मेरी जिंदगी की अहम कड़ी थीं, आपके बगैर मैं कहीं सुखी नहीं रह सकता। बहन से किया वादा पूरा ना हो सका, बीवी को सुख नहीं दे सका। बच्चों को टाइम नहीं दे सका और मां को सहारा व प्यार नहीं दे सका, इसके लिए मुझे माफ करना।
पुलिस को शव जाखोद खेड़ा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मौत की वजह डॉक्टर राजसिंह पर परेशान करना बताया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट को जांच के लिए लैब भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। -ऊषा शर्मा, केस जांच अधिकारी