फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में 10वीं के बच्चे पढ़ेंगे बदलाव की कहानी 'ए विलेज नेम्ड बीबीपुर', वर्कबुक में जुड़ा चैप्टर

Sat, 04 Jul 2020 12:24 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • हरियाणा के जींद जिले का गांव है बीबीपुर
  • सरपंच रहे सुनील जागलान लाए बदलाव की बयार
  • गांव को हाईटेक बनाया, तरीका देश ने अपनाया
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव से शुरू हुई बदलाव की कहानी अब दिल्ली के निजी स्कूलों के दसवीं कक्षा के बच्चे पढ़ेंगे। बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान के बीड़ा उठाने पर यह संभव हुआ है। सुनील जागलान छह जून 2010 से जनवरी 2016 तक बीबीपुर गांव के सरपंच रहे। उनकी दो बेटियां हैं। अब उन्होंने सेल्फी विद डाटर कैम्पेन को ऊंचाइयां देने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
विज्ञापन


एनएच-9 और एनएच-65 पर हो सकेगी विमान-फाइटर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग, शुरू हुई तैयारी

इसी के तहत उनके द्वारा किए गए काम और उससे हुए बदलाव की कहानी को देश के निजी स्कूलों में दसवीं क्लास की वर्क बुक में प्रमुखता से पढ़ाया जाएगा। दसवीं क्लास की वर्क बुक में सुनील जागलान के सामाजिक कार्यों, बदलाव के बड़े उदाहरण और नतीजों के साथ ही बच्चों के प्रेरणा स्रोत के रूप में एक बड़ा चैप्टर दिया गया है, जिसका नाम है, ए विलेज नेम्ड बीबीपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ इस तरह किया सुनील जागलान ने काम

स्काईपाथ नामक इस वर्क बुक की सीरीज एडिटर डीपीएस शारजाह (संयुक्त अरब अमीरात) की फाउंडर प्रिंसिपल एवं दिल्ली के संस्कृति स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल आभा सहगल हैं। अमृता विद्यालयम दुर्गापुर की सह-प्रिंसिपल सुथापा मुखर्जी ने यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक दिल्ली के निजी स्कूलों में अगस्त से शुरू होने वाले शिक्षा सत्र में पढ़ाई जाएगी। फिर इसे देश के बाकी राज्यों में पढ़ाने की शुरुआत होगी।

हरियाणा के जल जीवन मिशन की सराहना, केंद्रीय जल मंत्री बोले- सभी राज्य यह तरीका अपनाएं

बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान अब 'अभियान मैन' बन चुके हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण, पंचायतों को उनके अधिकार दिलाने व हाईटेक बनाने के जो अभियान उन्होंने कई साल पहले गांव स्तर पर शुरू किए थे, अब वह पूरे देश और प्रदेश में लागू हो रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने बीबीपुर की पंचायत की वेबसाइट बनाई। पूरे देश की पंचायतों ने इसे अपनाया।

2015 में केंद्र सरकार ने सभी पंचायतों के डिजिटलाइजेशन की घोषणा की। अब देश की 2.50 लाख पंचायतों में से अधितकर की वेबसाइट है। छह जुलाई 2015 से सुनील ने बीबीपुर में घरों के आगे बेटियों की नेम प्लेट लगाने के अभियान की शुरुआत की। उसे अब प्रदेश सरकार ने अपना रखा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें