महामंडलेश्वर संत सर्वेशानंद सरस्वती ने विधायक सुखवीर सिंह व उनके साथियों से जान का खतरा बता सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार, विधायक सुखवीर सिंह व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि याची के मांगपत्र पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
महामंडलेश्वर संत सर्वेशानंद सरस्वती ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह बठिंडा के प्राचीन दुर्गा मंदिर में संत हैं। याची ने बताया कि मैसरखाना में हर वर्ष वार्षिक मेला लगता है और वह इस मेले में शामिल होना चाहते हैं। याची ने बताया कि गत वर्ष अक्तूबर में जब वह उज्जैन से मैसरखाना प्राचीन दुर्गा मंदिर पहुंचे थे तो शिव कुमार, भूपेंद्र शर्मा, नरेश शर्मा, बलबीर शर्मा व लाभ राम ने उसे स्थान छोड़ने को कहा था। साथ ही धमकी दी थी कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उसे मार देंगे।
याची ने इसके खिलाफ पुलिस को शिकायत दी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। उल्टा पुलिस ने याची को स्थान छोड़कर उज्जैन जाने की सलाह दी। याची ने बताया कि आरोपियों के राजनीतिक लोगों से तार जुड़े हैं इसीलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
याची ने बताया कि वह पंजाब में सनातन धर्म को मजबूत करने में जुटे हैं और जब प्रधानमंत्री मोदी अबोहर आए थे तो याची उनसे मिला था और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की अपील की थी। याची ने बताया कि इसी के चलते आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के लोग याची से नफरत करते हैं। याची ने जिन सात लोगों से जान का खतरा बताया है, उनमें विधायक सुखवीर सिंह का नाम भी शामिल है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलील सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार, विधायक सुखवीर सिंह व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।