आम तौर पर पुलिस और अपराधियों की कहानियां ही सुर्खियां बटोरती हैं लेकिन चंडीगढ़ की सुखना लेक पुलिस चौकी की कहानी कुछ अलग है। यहां वर्दीवालों ने एक पक्षी से ऐसी दोस्ती की है कि वह अब उनका साथी बन गया है। यह अनोखा साथी तोता है। यह कोई पालतू तोता नहीं है बल्कि एक आजाद पक्षी है जो उड़कर भी अपनी चौकी में लौट आता है।
करीब डेढ़ महीने पुलिस चौकी के एएसआई राकेश मुंशी को गश्त के दौरान एक घायल, उड़ने में असमर्थ तोता मिला। जानवरों के खतरे को देखते हुए वे उसे चौकी ले आए और उसकी देखभाल करने लगे। यहीं से शुरू हुई पुलिसकर्मियों और इस नन्हे तोते के बीच दोस्ती की कहानी।
चौकी का स्पेशल मेंबर बना
देखते ही देखते यह तोता पुलिस चौकी के सभी जवानों का चहेता बन गया लेकिन चौकी इंचार्ज एसआई परमिंदर सिंह से उसकी दोस्ती सबसे गहरी है। तोता उनकी उंगली पर बैठता है, कंधे पर खेलता है और यहां तक कि उनकी पेट्रोलिंग ड्यूटी में भी साथ-साथ जाता है।
यह तोता कभी कलम खींचने लगता है तो कभी गाड़ियों में बैठ जाता है। यह तोता पुलिस चौकी का स्पेशल मेंबर बन चुका है। उसकी मौजूदगी पुलिसकर्मियों के तनावपूर्ण माहौल में एक नई ताजगी और सकारात्मकता भर रहा है।
हर किसी ने रखा ख्याल
पुलिसकर्मियों ने इस तोते का पूरा ख्याल रखा। वे उसे खाने-पीने की चीजें देते और रात में घर ले जाते थे ताकि कोई जानवर उसे नुकसान न पहुंचाए। जब वह पूरी तरह से ठीक होकर उड़ने लायक हो गया तो पुलिसकर्मियों ने उसे आजाद कर दिया लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आजाद होने के बाद भी यह तोता बार-बार चौकी में लौट आता है। पुलिस चौकी उसके लिए सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि घर बन गया है।
एसएचओ पटियाल भी बने दोस्त
सेक्टर-3 थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल, जो पहले से ही जानवरों से प्यार के लिए जाने जाते हैं, इस तोते से मिलकर बहुत खुश हुए। उन्होंने भी इस नन्हे मेहमान का खास ख्याल रखने को कहा। तोता भी अब उनके कंधे पर जा बैठता है। एक बार एसएचओ नरेंद्र पटियाल की गाड़ी में बैठकर थाने तक पहुंच गया, जिसे देख सभी हैरान रह गए।