सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की अलग राजधानी का सवाल ही नहीं है। चंडीगढ़ पर हरियाणा का ज्यादा हक है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में ही हरियाणा की अलग विधानसभा के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमारा बड़ा भाई है, पंजाब के लोगों से हमारा गहरा नाता है, हमारी रिश्तेदारियां पंजाब में हैं... मेरी मां भी पंजाबी हैं।
पंजाब में धीरे-धीरे सक्रियता के साथ बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब सिख दंगों में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा... हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को क्या पंजाब में भाजपा का माहौल बनाने का जिम्मा मिला है?
विज्ञापन
इस पर सीएम सैनी का कहना है कि इसे किसी सियासी चश्मे से न देखा जाए। पंजाब हमारा बड़ा भाई है, पंजाब के लोगों से हमारा गहरा नाता है, हमारी रिश्तेदारियां पंजाब में हैं... मेरी मां भी पंजाबी हैं।
कुछ ही समय में भाजपा का एक विश्वसनीय चेहरा बनकर उभरे नायब सिंह अपने सहज व सरल अंदाज में कहते हैं कि वहां के लोगों से मुझे मिलना और उन्हें मुझसे मिलना अच्छा लगता है। हम सुख-दुख के साथी हैं।
विज्ञापन
एक साल में आधा दर्जन से ज्यादा बार पंजाब के दौरे कर चुके सैनी इसके राजनीतिक निहितार्थ से इन्कार करते हैं। पंजाब के साथ पानी व राजधानी के जिन मुद्दों पर हरियाणा की कशमकश रही है, उन पर सैनी का कहना है कि इस बार गर्मियों में हमें पानी के संकट का सामना करना पड़ा तो मैंने कहा था कि अगर कभी पंजाब को ऐसी जरूरत पड़ी तो हरियाणा उसे पानी पहुंचाएगा।
...और राजधानी हम दूसरी क्यों तलाशें? चंडीगढ़ पर हरियाणा का ज्यादा हक है। चंडीगढ़ पहले हरियाणा की राजधानी है। हां, विधानसभा के अलग भवन की हम जरूरत कोशिश कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि चंडीगढ़ में ही मौजूदा विधानसभा भवन के पास जमीन तलाशी जाए। इसके लिए केंद्र से भी बात चल रही है।
सैनी मानते हैं कि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मदद कर रहे हैं। विधानसभा के मानसून सत्र की गहमागहमी के बीच मंगलवार को अपने निवास पर बातचीत में नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष कानून-व्यवस्था की बात करता है लेकिन हमने उनसे कहा कि अपने समय में अपराध के आंकड़े देख लें और अब के...पता चल जाएगा। उनके पास कोई मुद्दा नहीं है।
हरियाणा विधानसभा के इतिहास में पहली बार इस सत्र के पहले दिन तीन घंटे में छह बार सदन स्थगित होने के बावजूद तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाकर कार्यवाही सुचारू करवाने वाले सैनी कहते हैं कि विपक्ष बिना दूल्हे की बरात है।
तीसरा सत्र हो गया, नेता प्रतिपक्ष ही कांग्रेस दे नहीं पाई। ...और लोग हमसे पूछते हैं कि प्रदेशाध्यक्ष कब चुना जाएगा। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बिहार चुनाव के बाद चुन लिया जाएगा। क्या बिहार में भी प्रचार के लिए जाएंगे...इस सवाल पर वह कहते हैं कि जाना तो पड़ेगा।
आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों के विवाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से बजट की कोई कमी नहीं है। एक माह में पहले भी भुगतान होता था, अब भी करेंगे। निजी अस्पताल खुद ही एक माह में औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पाते, इस वजह से भी भुगतान लटकता है।
सरकार ने फैसला किया है कि हर जिले में एक सरकारी अस्पताल को निजी अस्पताल की तरह बनाया जाएगा। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में निजी अस्पतालों से टाइअप करके इन अस्पतालों में एमआरआई जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
प्रथम चरण में प्रदेश के दस अस्पतालों को इस तरह से विकसित किया जा रहा है।इन दिनों नशे के खिलाफ शहर-शहर साइक्लोथॉन जैसे कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री खुद शामिल हो रहे हैं।
क्या केवल जागरूकता से ही नशामुक्त हरियाणा हो सकेगा, जो गांव नशामुक्त किए जा रहे हैं, उनकी मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था है? इस पर उनका कहना है कि जिलों के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों से नियमित रिपोर्ट ली जाएगी कि ऐसे गांवों की क्या स्थिति है। इन गांवों में फिर से नशे के मामले पाए गए तो प्रशासन व पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाएगी।